
उदयपुर। भारतीय संविधान के शिल्पी और सामाजिक न्याय के प्रणेता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मंगलवार को तारा संस्थान द्वारा संचालित देश के सभी वृद्धाश्रमों में धूमधाम और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के विभिन्न केंद्रों में रहने वाले वृद्धजनों ने बाबा साहेब को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके सिद्धांतों को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान सभी वृद्धाश्रमों में बाबा साहेब के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर नमन किया गया। उपस्थित वृद्धजनों, संस्थान के कर्मचारियों और स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों ने संविधान में निहित समानता, स्वतंत्रता और न्याय के महत्व पर चर्चा की।
तारा संस्थान की प्रमुख कल्पना गोयल ने इस अवसर पर कहा, “बाबा साहेब का संपूर्ण जीवन समाज के वंचित और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के अधिकारों के लिए समर्पित रहा। संस्थान का यह निरंतर प्रयास है कि बाबा साहेब द्वारा संविधान में दिए गए समानता और सम्मान के मूल्यों को हम अपने वृद्धजनों के जीवन में भी उतार सकें।”
संस्थान के सचिव दीपेश मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब के योगदान ने देश को लोकतंत्र की एक अटूट नींव प्रदान की है। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमें उनके दिखाए सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी वृद्धजनों ने बाबा साहेब के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की और संस्थान द्वारा आयोजित इस प्रेरणादायक कार्यक्रम के लिए आभार जताया।
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