ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर चक्रवर्ती ने किया शिविर का उद्घाटन

उदयपुर। देखकर रो दे जो जमाने का गम, उस आँख से गिरा आँसू रामायण है। यह बात -चरितार्थ हुई नारायण सेवा संस्थान उदयपुर द्वारा आयोजित निः शुल्क नारायण लिम्ब मेजरमेन्ट शिविर में जहाँ दिव्यांगों के दुःख और पीड़ा से द्रवित हो बंगाल सरकार के परिवहन मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती दिव्यांगों से मिलने पहुंचे। मुख्य अतिथि के तौर पर मंत्री चक्रवर्ती ने दीप प्रज्जवलन किया। दुर्घटना में हाथ-पैर खो चुके बंगाल के हावड़ा, नदिया, हुगली, वर्धमान, वीरभूमि, मुशीर्दाबाद, सिलिगुडी, सहित कई जिलों से आए दिव्यांगों और उनके परिजनों से भेंट की। मंत्री ने कहा कि नारायण सेवा संस्थान की मानवता के लिए सेवा अभिनंदनीय है। बंगाल में होने वाले सेवाओं में हर तरह से मदद की घोषणा की।

प्रारम्भ में संस्थान के प्रवक्ता भगवान प्रसाद गौड़ और रिलेशन मैनेजर राकेश शर्मा ने मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री, स्पेशल गेस्ट बंगाल मैन फॉरम की अध्यक्ष नंदिनी भट्टाचार्य, समाजसेवी रामअवध जयसवाल, विश्वनाथ जयसवाल, कमलेश दिवेदी, विमल सुराना का मेवाड़ी पगड़ी, दुप्पटा, प्रतिक चिन्ह और गुलदस्ता भेंट कर अभिनंदन किया। इस दौरान आयोजन में अनुदान करने वाले दाताओं का सम्मान भी किया। वोलियन्ट्री सेवा सहयोगी – श्री भूमि विकास मंच के अध्यक्ष DC भण्डारी और उनके सदस्यों को भी सम्मानित किया गया।

शिविर संयोजक नरेन्द्र सिंह ने बताया कि 410 दिव्यांग रोगी शिविर में आये। जिनमें 255 दिव्यांग का कृत्रिम अंग के लिए चयन कर उनका मेजरमेन्ट लिया गया तथा 50 का केलिपर्स व 16 का ऑपरेशन हेतु चयनित किया। शिविर प्रभारी जसबीर सिंह ने कहा शिविर में आए सभी दिव्यांगों को नि: शुल्क भोजन, चाय-नाश्ता का वितरण हुआ। इन सभी दिव्यागों को आने वाले 45 से 60 दिनों में उच्च गुणवत्ता युक्त नारायण लिम्ब कोलकाता में ही पहनाए जायेगे। आभार प्रदर्शन हरिप्रसाद लढढ़ा ने तथा संचालन महिम जैन ने किया।


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