
उदयपुर। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने शुक्रवार को उदयपुर में अपनी बैठक आयोजित की, जिसमें वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिदृश्य की विस्तृत समीक्षा की गई।
RBI की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बोर्ड ने बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल, वित्तीय बाज़ारों में हो रहे उतार-चढ़ाव और उनसे उभरती चुनौतियों का व्यापक मूल्यांकन किया।
बयान में कहा गया है कि यह समीक्षा ऐसे समय हुई है जब डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) की गतिविधियों और स्कीम के तहत कवरेज राशि बढ़ाने के प्रस्तावों पर चर्चा चल रही है। बोर्ड ने DICGC के कार्यों का अलग से आकलन किया।
इसके साथ ही, बैठक में RBI के कुछ प्रमुख केंद्रीय कार्यालय विभागों—जैसे कि कंज़्यूमर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन डिपार्टमेंट—की कार्यप्रणाली का भी रिव्यू किया गया।
यह RBI सेंट्रल बोर्ड की 619वीं बैठक थी, जिसकी अध्यक्षता गवर्नर संजय मल्होत्रा ने की। बैठक में डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर, स्वामीनाथन जे., पूनम गुप्ता और एस.सी. मुर्मू सहित अन्य निदेशक उपस्थित थे।
सरकारी प्रतिनिधियों में वित्तीय सेवाओं के सचिव एम. नागराजू, आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर, तथा निदेशक सतीश के. मराठे, रेवती अय्यर, पंकज रमनभाई पटेल और रवींद्र ढोलकिया भी मौजूद थे।
चूंकि यह बैठक विजिलेंस अवेयरनेस वीक 2025 के दौरान आयोजित हुई थी, इसलिए बोर्ड ने इस अवसर पर ‘इंटीग्रिटी प्लेज’ लिया। साथ ही, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर ‘राष्ट्रीय एकता दिवस प्रतिज्ञा’ भी दिलाई गई।
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