शिष्टाचार भेंट से आगे : डॉ. लक्षराज सिंह मेवाड़ और पीएम मोदी के बीच बातचीत के राजनीतिक निहितार्थ

नई दिल्ली। मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार (Royal Family of Mewar) के प्रमुख Dr. Lakshyaraj Singh Mewar की सपरिवार प्रधानमंत्री Narendra Modi से संसद भवन (Parliament House) में हुई मुलाकात को केवल एक औपचारिक शिष्टाचार भेंट (Courtesy Call) मानकर देखना राजनीतिक दृष्टि से अधूरा आकलन होगा। यह मुलाकात कई स्तरों पर स्पष्ट संदेश देती है—सियासी (Political) भी और सामाजिक (Social) भी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के साथ जिस आत्मीयता से संवाद करना, और मुलाकात को निर्धारित समय (Scheduled Time) से अधिक खींचना, यह संकेत देता है कि यह संपर्क केवल विरासत (Heritage) और संस्कृति (Culture) तक सीमित नहीं था। मेवाड़ जैसे ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप से प्रभावशाली क्षेत्र से जुड़े व्यक्तित्व के साथ यह संवाद राजनीतिक दृष्टि (Political Perspective) से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि (Strong Political Background) इस भेंट का सबसे स्पष्ट सियासी संकेत (Political Signal) डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के पारिवारिक राजनीतिक जुड़ाव (Family Political Connect) से जुड़ा है। उनके ससुर कनकवर्धन सिंह देव (Kanak Vardhan Singh Deo) उड़ीसा की भाजपा सरकार (BJP Government) में उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) हैं, जबकि सास संगीता कुमारी सिंह देव (Sangeeta Kumari Singh Deo) पांच बार की सांसद (Member of Parliament) रही हैं। यह संबंध केवल पारिवारिक नहीं, बल्कि एक स्थापित राजनीतिक नेटवर्क (Established Political Network) का हिस्सा है, जिसे केंद्र की राजनीति (Central Politics) भी गंभीरता से देखती है।

डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की पत्नी निवृत्ति कुमारी मेवाड़ (Nivritti Kumari Mewar) भी राजनीति की कार्यशैली (Political Working Style) से भली-भांति परिचित रही हैं। उड़ीसा में राजनीतिक दौरों का अनुभव और उदयपुर (Udaipur) आने के बाद स्थानीय समाज से मजबूत संवाद, इस परिवार को सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर स्वीकार्यता (Social Acceptance) देता है।

राष्ट्रवाद और भविष्य की रणनीति (Nationalism and Future Strategy) राजस्थान की राजनीति (Rajasthan Politics) के संदर्भ में देखें तो डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ लंबे समय से प्रत्यक्ष राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन समाज सेवा (Social Service), सांस्कृतिक संरक्षण और जनसंपर्क (Public Relations) के माध्यम से उन्होंने एक मजबूत जनाधार (Mass Base) तैयार किया है। यही कारण है कि उन्हें किसी भी राजनीतिक भूमिका के लिए एक तैयार चेहरा (Prominent Face) माना जाने लगा है।

प्रधानमंत्री मोदी से यह मुलाकात इस बात की ओर भी इशारा करती है कि भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ऐतिहासिक विरासत, राष्ट्रवादी प्रतीकों (Nationalist Symbols) और सामाजिक सेवा से जुड़े व्यक्तित्वों को राजनीतिक संवाद (Political Dialogue) के केंद्र में लाने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

हालांकि, यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ निकट भविष्य में सक्रिय राजनीति (Active Politics) में प्रवेश करेंगे, लेकिन इतना स्पष्ट है कि यह मुलाकात एक सॉफ्ट लॉन्च (Soft Launch) जैसी दिखती है—जहां समाज सेवा की विश्वसनीयता, पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि और केंद्र (Central Leadership) के साथ संवाद, तीनों एक साथ दिखाई देते हैं।

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