अमेरिका-ईरान संघर्ष : हिंद महासागर में अमेरिकी टॉरपीडो हमले में भारत से लौट रहे ईरानी युद्धपोत तबाह, 80 शव बरामद

गॉल (श्रीलंका)। हिंद महासागर में तनाव उस समय चरम पर पहुँच गया जब श्रीलंका के तट से करीब 40 किलोमीटर दूर अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी नौसैनिक युद्धपोत (फ्रिगेट) को टॉरपीडो से निशाना बनाया। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में की गई।

श्रीलंकाई नौसेना और वायु सेना ने अब तक 32 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया है, जबकि समुद्र से 80 से अधिक शव बरामद किए गए हैं। ईरानी युद्धपोत ‘डेना’ (Dena) भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित ‘इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026’ में भाग लेकर लौट रहा था। यह युद्धपोत लड़ाई में शामिल नहीं था।

युद्ध के अन्य प्रमुख घटनाक्रम :

खाड़ी में ईरान का पलटवार, अमेरिकी टैंकर पर हमला

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने उत्तरी खाड़ी में एक अमेरिकी टैंकर को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अमेरिका, इजरायल और उनके समर्थक यूरोपीय देशों के जहाजों को गुजरने नहीं देगा।

ईरान में नागरिक ठिकानों पर हमले

रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, शनिवार से अब तक अमेरिका और इजरायली सेना ने ईरान में 1,332 हमले किए हैं। इनमें 105 नागरिक स्थल, 14 चिकित्सा सुविधाएं और 7 रेड क्रिसेंट भवन शामिल हैं। ईरान के लोरिस्तान प्रांत में एक प्रमुख एक्सप्रेस-वे को भी निशाना बनाया गया है।

“युद्ध कब तक चलेगा, इसकी परवाह नहीं” – ईरानी जनरल

ईरानी जनरल किउमर्स हैदरी ने संकल्प दोहराया है कि जब तक अमेरिका को करारा जवाब नहीं मिल जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, “हमने आठ साल का युद्ध (ईरान-इराक) देखा है, हम इसे तभी खत्म करेंगे जब दुश्मन अपने कृत्य पर पछतावा करेगा।”

ओमान की शांति की अपील

ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने युद्ध को तुरंत रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनका देश संघर्ष के कारण फंसे हुए सभी विदेशी नागरिकों को सुरक्षित घर पहुँचाने में मदद करेगा।

इजरायल को अमेरिकी समर्थन

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी रक्षा सचिव ने इजरायली रक्षा मंत्री को “अंत तक जारी रखने” का संदेश देते हुए पूर्ण समर्थन का भरोसा दिया है। इस बीच, इजरायल में ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों के कारण करीब 2 अरब डॉलर के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

स्रोत : अल जजीरा

(Visited 36 times, 1 visits today)

About Author

Leave a Reply