
फोटो : कमल कुमावत
उदयपुर। लेक सिटी के नाम से विख्यात उदयपुर बुधवार को पूरी तरह भक्ति और उत्साह के केसरिया रंग में सराबोर नजर आया। अवसर था भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2083 के आगमन की पूर्व संध्या पर आयोजित विशाल भगवा वाहन रैली का। भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के तत्वावधान में निकाली गई इस चार पहिया वाहन रैली में जनसैलाब इस कदर उमड़ा कि शहर के प्रमुख मार्ग छोटे नजर आने लगे। इस आयोजन ने न केवल नववर्ष के आगमन का संदेश दिया, बल्कि मेवाड़ की सांस्कृतिक एकजुटता का भी भव्य प्रदर्शन किया।
रैली का आगाज रानी रोड स्थित प्रसिद्ध महाकाल मंदिर से हुआ, जहां उपस्थित पूज्य संतों ने भगवा ध्वज दिखाकर वाहनों के काफिले को रवाना किया। रैली का दृश्य अत्यंत गौरवशाली था, जिसमें सबसे आगे राष्ट्रध्वज तिरंगा लहराते हुए चल रहा था, जो राष्ट्रभक्ति और संस्कृति के अनूठे संगम को दर्शा रहा था। तिरंगे के पीछे सैकड़ों की संख्या में चार पहिया वाहन कतारबद्ध थे, जो भगवा ध्वजों और नव संवत्सर के शुभकामना संदेशों वाले बैनरों से सुसज्जित थे।
उत्साह और स्वागत का अद्भुत संगम
महाकाल मंदिर से शुरू होकर यह रैली शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों से गुजरी। जैसे-जैसे रैली आगे बढ़ी, युवाओं और समाजजनों का जोश बढ़ता गया। गूंजते जयघोष और देशभक्ति के गीतों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। रैली के मार्ग में जगह-जगह सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने पुष्पवर्षा कर प्रतिभागियों का भव्य अभिनंदन किया। कई स्थानों पर तो छतों से फूलों की बारिश की गई, जिससे पूरा शहर उत्सव के माहौल में डूब गया।
रैली में विशेष रूप से युवाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। हाथों में भगवा ध्वज थामे युवाओं ने न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि भारतीय परंपराओं के प्रति अपनी निष्ठा का भी परिचय दिया। रैली का समापन सब-सिटी सेंटर पर हुआ, जहां सामूहिक उद्घोष के साथ इस यात्रा को विराम दिया गया।
पंच परिवर्तन का संकल्प और भावी कार्यक्रम
समिति के संयोजक डॉ. परमवीर सिंह दुलावत ने इस दौरान बताया कि इस वर्ष का आयोजन केवल उत्सव तक सीमित नहीं है। भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति इस बार नव संवत्सर को पंच परिवर्तन के संकल्प के साथ मना रही है। इसके तहत समाज में स्व का भाव जागृत करना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजगता, कुटुंब प्रबोधन यानी पारिवारिक संस्कारों को मजबूत करना और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता लाना मुख्य लक्ष्य है।
आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उत्सव का सिलसिला अभी थमा नहीं है। 19 मार्च को उदयपुर शहर की कुल 73 बस्तियों के प्रमुख मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। इनमें महाआरती, गंगा आरती और सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ शामिल है, ताकि नववर्ष का आध्यात्मिक लाभ हर नागरिक तक पहुंच सके।
सांस्कृतिक संध्या और शोभायात्रा का उत्साह
आयोजन की कड़ी में 20 मार्च को चेटीचंड पर्व की शोभायात्रा में सहभागिता की जाएगी, वहीं 21 मार्च को शहर के प्रमुख देवालयों में शंखनाद और घोष वादन के साथ वातावरण को पवित्र किया जाएगा। इस पूरे उत्सव का मुख्य आकर्षण 22 मार्च को होने वाली भव्य शोभायात्रा और धर्मसभा होगी। इस दिन सायंकाल एक विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध कलाकार अशोक मंडा विश्नोई अपनी प्रस्तुति देंगे।
प्रशासन और समिति के बेहतर समन्वय के कारण इतनी बड़ी रैली के बावजूद शहर की व्यवस्था सुचारू रही। उदयपुरवासियों के लिए यह वाहन रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी प्राचीन विरासत और काल गणना के प्रति गौरव महसूस करने का एक सशक्त माध्यम बन गई है।
परमवीर सिंह दुलावत, रजनी डांगी, फूल सिंह मीणा विधायक, जिनेंद्र शास्त्री शंकर लोढ़ा, दिनेश गुप्ता, विजय लक्ष्मी कुमावत, अलका मूंदड़ा, रविकांत त्रिपाठी, विष्णु नागदा, कमल कुमावत, हेमेंद्र श्रीमाली, धनराज भाई, साधु संत महिला शक्ति युवा शक्ति उपस्थित थे
About Author
You may also like
-
राजस्थान दिवस विशेष : वेदांता बदल रहा है मरुधरा की तस्वीर, एक लाख करोड़ रुपए का नया निवेश और विकास की नई उड़ान
-
महायुद्ध अब विश्वयुद्ध की कगार पर आ गया…यहां पढ़िए युद्ध के मैदान में क्या चल रहा है?
-
BOBROA नेशनल कॉन्फ्रेंस : उदयपुर के श्री प्रकाश जैन बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, राजस्थान ज़ोन में हर्ष की लहर
-
उदयपुर की कमान अब डॉ. अमृता दुहन के हाथ : पदभार ग्रहण करते ही उदयपुर फाइल्स होगी बड़ी चुनौती
-
उदयपुर एप्सटीन फाइल्स : प्रोटोकॉल से कटे नाम और नए जिलाध्यक्षों की तलाश, संगठन में बड़ी सर्जरी के संकेत