धौलपुर/मुरैना।
खजुराहो से उदयपुर की ओर आ रही गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो–उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में रविवार शाम सफर कर रहे यात्रियों के लिए एक अफवाह काल बन गई। ट्रेन के भीतर अचानक मोबाइल फटने की झूठी चर्चा से मची भगदड़ और दहशत के बाद, गाड़ी से नीचे उतरे चार यात्री दूसरी पटरी पर सामने से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। इस हृदयविदारक हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
कोच में मची घबराहट और आपातकालीन चेन पुलिंग
यह दर्दनाक हादसा उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के अंतर्गत हेतमपुर और धौलपुर रेलवे स्टेशन के बीच शाम करीब 4:15 बजे घटित हुआ। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग पर बढ़ रही थी, तभी ट्रेन की एक बोगी में किसी बात को लेकर मोबाइल ब्लास्ट होने की अफवाह फैल गई। इस अफवाह ने कोच के भीतर बैठे यात्रियों को इतना डरा दिया कि किसी यात्री ने तुरंत अलार्म चेन पुलिंग (ACP) कर दी, जिससे ट्रेन बीच सफर में ही अचानक रुक गई।
उदयपुर जा रही ट्रेन से नीचे कूदे यात्री, दूसरी पटरी पर हुआ काल का ग्रास
प्रत्यक्षदर्शियों और बागेश्वर धाम से दर्शन कर लौट रहे यात्रियों के अनुसार, खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी के रुकते ही बोगी में सवार यात्री अपनी जान बचाने की होड़ में आनन-फानन में नीचे कूदने लगे। घबराहट के मारे कई यात्री सुरक्षा की तलाश में बगल से गुजर रही दूसरी रेल लाइन (अप-ट्रैक) पर जाकर खड़े हो गए।
उसी दौरान, विपरीत दिशा से गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर–सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस बेहद तेज गति से वहां से गुजरी। खजुराहो-उदयपुर एक्सप्रेस से उतरकर पटरी पर खड़े यात्रियों को संभलने या भागने का मौका तक नहीं मिला और पातालकोट एक्सप्रेस उन्हें कुचलती हुई निकल गई।
मृतकों में आगरा और बीकानेर के यात्री शामिल
इस भीषण दुर्घटना में चार यात्रियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जिनकी पहचान रेलवे पुलिस द्वारा कर ली गई है:
बिरमा देवी (60 वर्ष), निवासी: बीकानेर (राजस्थान)
शंकुतला सिंह (60 वर्ष), पत्नी भूरा सिंह, निवासी: आगरा (उत्तर प्रदेश)
आफरीन (35 वर्ष), पत्नी नदीम, निवासी: आगरा
असद (4 वर्ष), पुत्र नदीम खान, निवासी: आगरा – आफरीन और असद मां-बेटी थे।
ब्लास्ट की पुष्टि नहीं, रेलवे ने शुरू की उच्च स्तरीय जांच
हादसे के बाद खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस और ट्रैक पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और प्रशासनिक अधिकारी राहत दल के साथ मौके पर पहुंचे।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के किसी भी कोच के भीतर मोबाइल फटने या किसी अन्य प्रकार के ब्लास्ट की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच के आदेश जारी कर दिए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह जानलेवा अफवाह किसने और किस मंशा से फैलाई थी।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया। रेलवे ने यात्रियों से पुनः अपील की है कि वे सफर के दौरान किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और ट्रेन रुकने पर ट्रैक पर उतरने की गलती कतई न करें।
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