श्रीमान कलेक्टर साहब एवं एसपी साहब, ज़रा इधर भी नज़र डालिए!

उदयपुर। झीलों की इस नगरी में इन दिनों चारों तरफ गणेश उत्सव की धूम है। शहर भर में जगह-जगह बप्पा के भव्य पांडाल सजे हुए हैं और सूरज ढलते ही शाम के वक्त दर्शनार्थियों और श्रद्धालुओं का हुजूम सड़कों पर उतर रहा है।

अगर शहर में सबसे ज़्यादा भीड़ और रौनक कहीं देखनी हो, तो वह बापू बाजार के बैंक तिराहे पर स्थित ‘उदयपुर चा राजा’ के विशाल पांडाल में देखी जा सकती है। यहां आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, लेकिन अफसोस की बात यह है कि इस भारी भीड़ और जाम से जूझती जनता के बीच व्यवस्था संभालने वाला एक भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौके पर नज़र नहीं आता। गाड़ियां उलझ रही हैं, पैदल चलने वालों का दम फूल रहा है और सड़क पर पूरी तरह अव्यवस्था का आलम है।

कलेक्टर साहब और एसपी साहब, आपसे एक दरख्वास्त है—आपको भी कभी ‘उदयपुर चा राजा’ के दर्शन करने ज़रूर आना चाहिए। लेकिन किसी वीआईपी काफिले, हूटर बजाती पायलट गाड़ियों या कलेक्टर और एसपी के लश्कर के साथ नहीं, बल्कि एक आम नागरिक बनकर आइए। तब आपको असली हकीकत समझ आएगी और अहसास होगा कि आम जनता किस कदर जाम और लाचारी से जूझ रही है।

इस रिपोर्ट के साथ मौके की वो आँखें खोल देने वाली तस्वीरें भी पेश हैं, जिन्हें हमारे फोटो जर्नलिस्ट कमल कुमावत ने अपने कैमरे में कैद किया है।

शहर के आम बाशिंदों को यह उम्मीद है कि चौराहों पर हेलमेट और कागज़ात के नाम पर बिना किसी लाग-लपेट के धड़ाधड़ चालान काटने वाली मुस्तैद पुलिस, कम से कम त्योहार और उत्सव के इन मौकों पर आम जनता की सुविधा के लिए अपनी व्यवस्था में सुधार करेगी।

धन्यवाद

हबीब की रिपोर्ट

 

About Author

Leave a Reply