गणेश नगर स्थित कालकामाता मंदिर में अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना : नौ दिवसीय नवरात्र महोत्सव का शुभारंभ, दर्शनार्थ उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

उदयपुर। शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर रविवार, 11 अक्टूबर को झीलों की नगरी उदयपुर में शक्ति की आराधना का महापर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ प्रारंभ हो गया। गणेश नगर स्थित प्रसिद्ध कालकामाता मंदिर में अभिजीत मुहूर्त में पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घट स्थापना की गई। घट स्थापना होते ही पूरा मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ और माता रानी के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

कन्या पूजन से शुभारंभ, भव्य श्रृंगार के दर्शन को लगीं लंबी कतारें

मंदिर के पुजारी देवेन्द्र सिंह गोड़ ने बताया कि घट स्थापना से पूर्व परंपरा के अनुसार नौ कन्याओं का पावन पूजन कर नवरात्र महोत्सव का विधिवत श्रीगणेश किया गया। इसके बाद माता रानी का नयनाभिराम और अलौकिक श्रृंगार संपन्न हुआ। ब्रह्म मुहूर्त से ही माता के दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कतारबद्ध होकर श्रद्धालु अपनी बारी की प्रतीक्षा करते हुए माता के दर्शन के लिए आतुर नजर आए।

चारों पहर होगी आरती, नित्य नए स्वरूपों में सजेंगी माता

पुजारी गोड़ के अनुसार, कालकामाता के दरबार में सच्ची निष्ठा से शीश नवाने वाले हर भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है। नवरात्र के नौ दिनों तक प्रतिदिन माता का अलग-अलग दिव्य स्वरूपों में विशेष श्रृंगार किया जाएगा और चारों पहर विधि-विधान से महाआरती होगी। रविवार को दर्शन के उपरांत सभी श्रद्धालुओं को मंगल प्रसादी का वितरण किया गया।

आकर्षक रोशनी से जगमगाया प्रांगण, भजनों से बहा भक्ति रस

महोत्सव के लिए पीएन टेंट शंकर द्वारा तैयार किए गए भव्य पांडाल और आकर्षक विद्युत सजावट से समूचा परिसर जगमगा उठा है। वहीं महिला मंडल की सदस्याओं ने माता रानी के पारंपरिक भक्तिमय गीतों और भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर पूरे वातावरण को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने तथा दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए कालकामाता मित्र मंडल के कार्यकर्ताओं ने मुस्तैदी से मोर्चा संभाला। आगामी नौ दिनों तक मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और धार्मिक अनुष्ठानों की अविरल धारा बहती रहेगी।

 

About Author

Leave a Reply