उदयपुर की रामलीला (डे 8) — इमोशन, ड्रामा और हनुमान जी का हाई-ऑक्टेन एक्शन!

फोटो एंड रिपोर्ट : कमल कुमावत, उदयपुर।

नमस्कार दोस्तों! जब थिएटर या सिनेमा के पर्दे पर इमोशन और ग्रैंड स्केल का सही तालमेल बैठ जाए, तो ऑडियंस का दिल जीतना तय होता है। और झीलों की नगरी उदयपुर के सूरजपोल स्थित निम्बार्क महाविद्यालय ग्राउंड से जो रिपोर्ट निकलकर आ रही है, वह सीधे-सीधे ब्लॉकबस्टर है! श्रीराम लीला समिति के बैनर तले चल रहे इस 10 दिवसीय महा-उत्सव का आठवां दिन पूरी तरह ‘हाउसफुल’ रहा और जिस तरह का ड्रामा, ड्राफ्टिंग और विजुअल्स मंच पर पेश किए गए, उसने ऑडियंस को सीट से बांधे रखा।

फर्स्ट हाफ: प्योर इमोशन और शबरी-राम का टचिंग सीन

शो की शुरुआत हुई शबरी मिलन के उस क्लासिक प्रसंग से, जो विशुद्ध रूप से भावुक कर देने वाला था। जब प्रभु श्री राम ने शबरी के प्रेम से सराबोर जूठे बेरों को सहर्ष स्वीकार किया, तो पंडाल में बैठे दर्शकों की आंखों में आंसू आ गए। यह सीक्वेंस सीधे दिल को छूता है। इसके तुरंत बाद स्क्रीनप्ले में रफ्तार आई और किष्किंधा कांड में श्रीराम-सुग्रीव की अटूट मित्रता ने मंच पर जबरदस्त एनर्जी भर दी। वानर सेना की एंट्री पर दर्शकों ने सीटियों और तालियों से पूरा ग्राउंड गूंजा दिया।

इंटरवल के बाद: हनुमान जी का मास-एक्शन और लंका दहन

लेकिन असली ‘पैसा वसूल’ मोमेंट आया सेकंड हाफ में, जब कहानी अशोक वाटिका और लंका में दाखिल हुई।

प्रोडक्शन वैल्यूज और सेट्स: आयोजकों ने अशोक वाटिका का जो भव्य सेट तैयार किया था, वह काबिले-तारीफ है।

विजुअल ट्रीट: ‘उलटि पलटि लंका सब जारी, कूद परा पुनि सिंधु मझारी’ की चौपाई के साथ जब पवनपुत्र हनुमान ने प्रतीकात्मक लंका का दहन किया, तो शानदार आतिशबाजी और लाइटिंग इफेक्ट्स ने समां बांध दिया। स्टेज पर धूं-धूं जलती लंका और हवा में उड़ते बजरंगबली के दृश्यों ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग की ऑडियंस को खड़े होकर जयकारे लगाने पर मजबूर कर दिया। इसे कहते हैं परफेक्ट मास-अपील!

वृंदावन के पुष्टिमार्गीय श्री कृष्ण लीला संस्थान के 40 मंझे हुए कलाकारों ने वेदप्रकाश भारद्वाज, सीताराम भारद्वाज और घनश्याम शर्मा के निर्देशन में जिस शिद्दत से अभिनय किया है, उनकी परफॉर्मेंस को पूरे 5 में से 5 स्टार मिलने चाहिए।

गेस्ट अपीयरेंस और ऑनरेबल मोमेंट्स

शो के बीच विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा ने रामचरितमानस के आदर्शों पर अपनी बात रखी, तो वहीं राष्ट्रीय कवि सिद्धार्थ देवल ने मेवाड़ और राणा सांगा पर ओजस्वी कविता पाठ कर माहौल में वीर रस का तड़का लगाया। समिति के अध्यक्ष धर्मनारायण जोशी, महासचिव भंवरलाल शर्मा और संयोजक डॉ. विजय प्रकाश विप्लवी सहित पूरी टीम ने आए हुए सभी गणमान्य अतिथियों का गर्मजोशी से उपरणा ओढ़ाकर स्वागत किया।

आगामी क्लाइमेक्स: बॉक्स ऑफिस का फाइनल प्रेडिक्शन

मेकर्स ने आगे के लाइन-अप का जो टीज़र दिया है, वह और भी ज्यादा प्रॉमिसिंग है:

शनिवार (डे 9): ‘विभीषण शरणागति’, ‘सेतुबंध रामेश्वरम’ और हाई-वोल्टेज ड्रामा ‘लक्ष्मण शक्ति’ का मंचन होगा।

रविवार (18 अक्टूबर): मेगा-क्लाइमेक्स यानी ‘रावण संहार’ के साथ इस फेस्टिवल का समापन होगा।

20 अक्टूबर: सेक्टर-14 में भव्य रावण दहन का ग्रैंड फिनाले आयोजित किया जाएगा।

कुल मिलाकर, उदयपुर की यह रामलीला कंटेंट, इमोशन और परफॉर्मेंस के दम पर एक ‘सुपर-डुपर हिट’ साबित हो रही है। अगर आप उदयपुर में हैं, तो इस स्पिरिचुअल और ड्रामेटिक विजुअल ट्रीट को बिल्कुल मिस मत कीजिए!

 

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