मेवाड़ के कुमावत समाज का ऐतिहासिक करियर गाइडेंस समारोह : संभाग भर के युवाओं को मिला दिग्गजों का मार्गदर्शन

फोटो एंड रिपोर्ट : कमल कुमावत

संभाग स्तरीय महासंगम : उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ के हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों ने लिया हिस्सा।

सफलता के मूल मंत्र : आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष गोविंद सिंह टांक सहित आईएएस, आईआरएस और उद्योग जगत के दिग्गजों ने दी करियर निर्माण की अनूठी रणनीतियां।

कृषि विज्ञान में रोजगार की बहार : रॉयल इंस्टीट्यूट के निदेशक इंजीनियर जी.एल. कुमावत ने स्मार्ट फार्मिंग और एग्री-बिजनेस के बढ़ते अवसरों से कराया रूबरू।

उदयपुर। कुमावत समाज के तत्वावधान में आज मेवाड़ संभाग स्तरीय करियर गाइडेंस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन बेहद उत्साहपूर्ण, भव्य और गरिमापूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। इस महासंगम का मुख्य उद्देश्य समाज के युवाओं को पारंपरिक लीक से हटाकर प्रशासनिक सेवाओं, व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा, कृषि नवाचारों और स्वरोजगार के क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना था।

समारोह में उदयपुर सहित राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जैसे मेवाड़ संभाग के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, सजग अभिभावकों और प्रबुद्ध समाजजनों ने हिस्सा लिया।

प्रशासनिक सेवाओं और सिविल सर्विसेज के लिए मिला सटीक मार्गदर्शन
देश और राज्य के विकास में प्रशासनिक सेवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए विभिन्न क्षेत्रों के मार्गदर्शकों ने युवाओं को सफलता के गुर सिखाए:

आरपीएससी (RPSC) के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्य अभियंता गोविंद सिंह टांक ने “लोक सेवा, नेतृत्व, इंजीनियरिंग एवं प्रशासनिक सेवाओं में उज्ज्वल करियर की दिशा” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि ईमानदारी, कड़ा अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा की भावना ही किसी भी करियर को महान बनाती है।

सेवानिवृत्त संयुक्त आयुक्त (SGST) हरिशंकर कुमावत ने “प्रशासनिक सेवाएँ: राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम एवं सफलता की दिशा” पर बोलते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे आईएएस (IAS) और आरएएस (RAS) में अधिकाधिक चयन का लक्ष्य रखें। उन्होंने समय प्रबंधन (Time Management) और व्यक्तित्व विकास (Personality Development) पर प्रकाश डाला।

भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी कमलेश कुमावत ने “संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी: शुरुआत से पहले क्या जानना आवश्यक है” विषय पर बोलते हुए प्रारंभिक स्तर पर सही दृष्टिकोण, कड़ी मेहनत और एक प्रभावी अध्ययन रणनीति की व्यावहारिक जानकारियां साझा कीं।

चिकित्सा, वाणिज्य, डिजिटल स्किल्स और तकनीकी शिक्षा की राह
चिकित्सा एवं नीट: डॉ. पूजा कुमावत ने “चिकित्सा क्षेत्र में करियर की संभावनाएँ” विषय पर NEET-UG, NEET-PG, MBBS, MD तथा बदलते पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तार से बताया।

तकनीकी शिक्षा (ITI से IIT): पूर्व उपमहाप्रबंधक (RSMML) रमेश चन्द्र कुमावत ने “आईटीआई से आईआईटी तक: तकनीकी शिक्षा और करियर की सम्पूर्ण यात्रा” के जरिए युवाओं को कौशल विकास (Skill Development) के विविध अवसरों की जानकारी दी।

वाणिज्य और फाइनेंस: गगनदीप कुमावत ने सीए (CA), सीएस (CS), सीएमए (CMA), टैक्सेशन एवं फाइनेंस के क्षेत्र में उपलब्ध अपार संभावनाओं के द्वार युवाओं के लिए खोले।

डिजिटल और एआई का भविष्य: डॉ. रजनीश गिरधारी लाल सिंघानवाल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल कौशल और संचार क्षमता के महत्व को समझाया, तो वहीं मोनिका कुमावत ने डिजिटल मार्केटिंग, वेबसाइट डिज़ाइन और फ्रीलांसिंग के जरिए ऑनलाइन रोजगार के बढ़ते अवसरों की जानकारी दी।

आधुनिक कृषि विज्ञान और एग्री-बिजनेस की असीम संभावनाएं
समारोह में कृषि क्षेत्र में करियर की दिशा में युवाओं को एक नया नजरिया मिला। रॉयल इंस्टीट्यूट उदयपुर के निदेशक, इंजीनियर जी. एल. कुमावत ने “कृषि विज्ञान: आधुनिक शिक्षा, नवाचार एवं रोजगार की असीम संभावनाएँ” विषय पर बेहद ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की।

उन्होंने B.Sc. Agriculture, कृषि अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीक, स्मार्ट फार्मिंग (Smart Farming) और एग्री-बिजनेस के बढ़ते वैश्विक स्कोप को समझाया। उन्होंने कहा कि आज कृषि केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा कॉर्पोरेट और स्टार्टअप हब बन चुका है। उन्होंने समाज के युवाओं को कृषि आधारित स्वरोजगार और उद्यमिता (Entrepreneurship) अपनाने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया।

उद्यमिता, शिक्षा क्षेत्र में निवेश और मानसिक संतुलन
स्टार्टअप और सरकारी योजनाएं: राजस्थान सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के संयुक्त आयुक्त शैलेन्द्र शर्मा ने “स्टार्टअप, उद्यमिता एवं सरकारी योजनाओं के अवसर” विषय पर युवाओं को नए उद्योग स्थापित करने, सरकारी अनुदान (Subsidy) और स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

शैक्षणिक उद्यमिता: विनोद कुमावत ने सोसायटी पंजीकरण, निजी विद्यालय की स्थापना और उसके सफल संचालन पर व्यावहारिक मार्गदर्शन देते हुए समाज के युवाओं से शिक्षा के क्षेत्र में नए संस्थान स्थापित करने का आह्वान किया।

मानसिक स्वास्थ्य व संस्कृति: डॉ. ऋतु टांक ने प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखने, अध्ययन पद्धति और भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रेरक उद्बोधन दिया, जबकि प्रेरक वक्ता धीरज टाक ने सुनियोजित विकास और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण को सफलता की कुंजी बताया।

गरिमापूर्ण उपस्थिति और आभार प्रदर्शन
इस भव्य समारोह में कुमावत समाज मेवाड़ के अध्यक्ष शंकर लाल मेरावंडिया, गिरिराज, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ शिक्षाविद् श्याम मंडलिया, पुरुषोत्तम उदिवाल, रमेश भदाणिया, अनूप टांक, दलपत राज बातरा, जितेंद्र तुनीवाल, हरीश वर्मा तथा पुकर घोड़ेला सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

पूरे कार्यक्रम की बेहतरीन और सुव्यवस्थित व्यवस्था रॉयल कोचिंग इंस्टीट्यूट के निदेशक गिरधारी लाल और उनकी पूरी टीम ने संभाली। कार्यक्रम के अंत में संयोजक हरि शंकर खंडारिया ने पधारे हुए सभी अतिथियों, प्रबुद्ध वक्ताओं, स्वयंसेवकों, सहयोगियों और मीडिया प्रतिनिधियों का इस सफल आयोजन के लिए सहदिल से आभार व्यक्त किया।

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