परिंदों के मसीहा की जबरदस्त कहानी : केन्या के ‘नैरोबी बर्डमैन’ रोजर्स ओलू मगुथा, जो कचरे के ढेर से प्लास्टिक चुनते हुए बचाते हैं घायल पक्षियों की जान

नैरोबी (केन्या)। इंसान और बेजुबान पक्षियों के बीच अनोखे प्रेम और आत्मीयता की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर केन्या की राजधानी नैरोबी से सामने आई है। यहाँ ‘नैरोबी बर्डमैन’ (Nairobi Birdman) के नाम से मशहूर रोजर्स ओलू मगुथा नाम के एक शख्स इन दिनों दुनिया भर के प्रकृति और पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक बड़ी मिसाल बनकर उभरे हैं।

कचरे के ढेर के बीच प्लास्टिक और रीसाइक्लिंग का सामान इकट्ठा करने वाले रोजर्स की जिंदगी का सबसे बड़ा मकसद जंगली और बेसहारा पक्षियों की रक्षा करना बन चुका है। हाल ही में सामने आई एक तस्वीर में वे नैरोबी के कायोले (Kayole) स्थित एक डंपसाइट (कचरा डंपिंग ग्राउंड) में अपने सिर पर एक ‘ब्लैक काइट’ (काली चील) को बड़ी ही सहजता से संतुलित किए हुए नजर आ रहे हैं।

कचरे के बीच से ढूंढते हैं घायल परिंदों की जिंदगी

रोजर्स ओलू मगुथा का काम सिर्फ प्लास्टिक चुनकर अपनी आजीविका कमाना ही नहीं है, बल्कि वे इस कचरे के विशाल मैदानों में उन बेजुबान पक्षियों को तलाशते हैं जो चोटिल हैं या अनाथ हो चुके हैं। वे डंपसाइट और आसपास के इलाकों से घायल और अनाथ जंगली पक्षियों को रेस्क्यू (बचाव) करते हैं।

पुनर्वास के बाद आज़ाद आसमान में छोड़ना है लक्ष्य

रोजर्स इन घायल पक्षियों को न केवल सुरक्षित स्थान पर लाते हैं, बल्कि एक कुशल देखभालकर्ता की तरह उनका इलाज और पुनर्वास (Rehabilitation) भी करते हैं। जब ये पक्षी पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं और दोबारा उड़ने के काबिल बन जाते हैं, तो रोजर्स उन्हें वापस उनके प्राकृतिक आवास यानी खुले आसमान में आज़ाद कर देते हैं।

घायल पक्षियों के प्रति उनकी इस निस्वार्थ सेवा और अनोखे अंदाज के कारण वे सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं। कचरे के उस माहौल में जहाँ लोग जाना भी पसंद नहीं करते, वहाँ रोजर्स एक बाज की तरह तेज नजरों वाले पक्षी को अपने सिर पर बैठाकर मानवता और पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संदेश दे रहे हैं।

 

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