फोटो : कमल कुमावत

उदयपुर। नवरात्रि के पावन अवसर पर उदयपुर शहर में देवी माँ के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालुओं की लंबी कतारें माता रानी के प्रति गहरी भक्ति और आस्था को दर्शाती हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी बेदला माता, नीमज माता, अंबामाता, करणी माता, और कालका माता के मंदिरों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। लोग सच्ची श्रद्धा के साथ माता के दर्शन कर, पूजा अर्चना कर, आशीर्वाद लेने के लिए उमंग और उत्साह से मंदिर पहुंच रहे हैं।

सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों की कतारें लग जाती हैं। देवी की भव्य मूर्तियों के समक्ष लोग नतमस्तक होकर अपनी प्रार्थनाएं कर रहे हैं। नवरात्रि का यह पर्व विशेष रूप से शक्ति और नारीत्व का महत्त्व दर्शाता है, और देवी माँ के प्रति लोगों की भक्ति इस अवसर पर और भी प्रगाढ़ हो जाती है।

मंदिरों में पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना की जा रही है। भव्य सजावट और मंत्रोच्चार के बीच भक्तों की आराधना देवी माँ के प्रति उनके अटूट विश्वास को प्रकट करती है। विशेषकर बेदला माता और नीमज माता के मंदिरों में सैकड़ों लोग दर्शन के लिए आए हैं, जहाँ हर कदम पर आस्था और भक्तिरस का संचार होता दिख रहा है।

नवरात्रि के दौरान उदयपुर का यह भक्तिमय माहौल, देवी माँ के प्रति जन-जन की अपार श्रद्धा का प्रतीक है, जो हर वर्ष इस उत्सव को और भी विशेष बना देता है।
About Author
You may also like
झीलों की नगरी में फिर सजा ‘पर्यटन सुरक्षा’ का तमाशा : फीते कटने से नहीं, जवाबदेही तय होने से सुरक्षित होते हैं सैलानी
उदयपुर की रामलीला : इमोशन, ड्रामा और हाई-ऑक्टेन एक्शन का परफेक्ट ब्लेंड, जटायु के बलिदान ने खींचे दर्शकों के आंसू
तकनीक जब इंसान की सहूलियत बने: हिंदुस्तान जिंक और उबर का यह साझा कदम भारतीय कॉर्पोरेट जगत के लिए एक नजीर
मेवाड़ की माटी में सत्ता की चौसर: जब पंचायत के अखाड़े में दांव पर लग जाए दिग्गजों की चौधराहट
उदयपुर में रामलीला का मंचन (तीसरा दिन) : जब पत्थर में जान फूंक दी गई और निम्बार्क मैदान में छलक उठीं आंखें
