
कनाडा। अनीता आनंद भारतीय मूल की कनाडाई राजनीतिज्ञ हैं, जिन्हें हाल ही में कनाडा का विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा की गई है, जो लिबरल पार्टी के नेता हैं। अनीता आनंद को इस पद पर चुने जाने के बाद उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक सम्मान की बात है और वे कनाडा के लोगों के लिए एक सुरक्षित और निष्पक्ष दुनिया बनाने के लिए प्रधानमंत्री और उनकी टीम के साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं।
व्यक्तिगत जीवन और शिक्षा :
अनीता आनंद के माता-पिता 1960 के दशक में नाइजीरिया से कनाडा के नोवा स्कोशिया राज्य के केंटविल में बस गए थे। उनके माता-पिता पेशे से चिकित्सक थे। अनीता ने अपनी शिक्षा ऑक्सफर्ड और क्वींस विश्वविद्यालय से की है और डलहौज़ी विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने टोरंटो विश्वविद्यालय से मास्टर की डिग्री भी हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने येल, क्वींस और वेस्टर्न विश्वविद्यालयों में भी लॉ पढ़ाया है।
राजनीतिक यात्रा :
अनीता आनंद ने 2019 में ओकविल से सांसद के रूप में राजनीति में कदम रखा। इसके बाद वह नवंबर 2019 से अक्टूबर 2021 तक सार्वजनिक सेवाओं और ख़रीद मामलों की मंत्री रहीं। उनकी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें 2021 में कनाडा के रक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। इस दौरान उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध में कनाडा की भूमिका को मजबूत किया और कनाडा की सैन्य ताकत को आधुनिक बनाने के प्रयास किए।
रक्षा मंत्री के रूप में कार्यकाल :
अनीता आनंद को रक्षा मंत्री के रूप में रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कनाडा की यूक्रेन को सहायता प्रदान करने की ज़िम्मेदारी दी गई। इसके अलावा, उनके मंत्रालय के दौरान कनाडा के सैन्य बलों में यौन उत्पीड़न के आरोपों का भी सामना करना पड़ा, जिसे उन्होंने सुलझाने का प्रयास किया। हालांकि, 2021 में उन्हें रक्षा मंत्रालय से हटाकर ट्रेज़री बोर्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे उनकी नेतृत्व क्षमता को लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
विदेश मंत्री के रूप में नियुक्ति :
मार्क कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपनी कैबिनेट में अनीता आनंद को विदेश मंत्री के रूप में चुना। यह नियुक्ति उस समय हुई जब कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ रहे थे, और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कर रहे थे। अनीता आनंद की यह भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी, खासकर तब जब कनाडा और भारत के रिश्तों में भी पहले कुछ तनाव रहा है, और कार्नी के चुनाव प्रचार अभियान में इन रिश्तों को सुधारने की इच्छा व्यक्त की गई थी।
अनीता आनंद कनाडा की पहली हिंदू महिला मंत्री और सांसद हैं, और उनका करियर लगातार उन्नति की ओर बढ़ा है। उनकी नियुक्ति कनाडा के विदेश मंत्री के रूप में एक ऐतिहासिक कदम है, और वे आने वाले समय में कनाडा की विदेश नीति को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
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