
अहमदाबाद। 2025 का इंडियन प्रीमियर लीग फाइनल, न केवल दो टीमों के बीच क्रिकेट का महासंग्राम था, बल्कि दो दशकों से चले आ रहे अधूरे ख्वाबों की टकराहट भी थी। एक तरफ पंजाब किंग्स—जो 2008 से चली आ रही अपनी ट्रॉफी की तलाश में फिर से मैदान में उतरी थी, और दूसरी तरफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB)—जिसकी लोकप्रियता विराट कोहली की ब्रांड वैल्यू जितनी ऊँची रही, लेकिन ट्रॉफी का खाता हमेशा खाली रहा।
31 मई, 2025 को खेले गए इस ऐतिहासिक फाइनल में RCB ने पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर पहली बार आईपीएल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
मैच का सारांश
स्थान: अहमदाबाद, नरेंद्र मोदी स्टेडियम
टॉस: पंजाब किंग्स ने जीता, गेंदबाजी चुनी
RCB का स्कोर: 190/9 (20 ओवर)
पंजाब किंग्स का स्कोर: 184/7 (20 ओवर)
परिणाम: RCB ने 6 रन से जीत दर्ज की
प्लेयर ऑफ द मैच: क्रुणाल पांड्या (2/24 और महत्वपूर्ण कैच)
पहले पारी : RCB की असंतुलित लेकिन निर्णायक बल्लेबाज़ी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी RCB ने शानदार शुरुआत की। तीसरी ही गेंद पर फिल सॉल्ट ने अर्शदीप सिंह को छक्का जड़ते हुए अपने इरादे साफ़ कर दिए। पहले ओवर से 13 रन आए, लेकिन सॉल्ट अगली ही ओवर में जेमिसन का शिकार बने—9 गेंदों में 16 रन।
इसके बाद विराट कोहली और मयंक अग्रवाल की जोड़ी ने पारी को संभालने की कोशिश की। मयंक ने 18 गेंदों में 24 रन बनाए, लेकिन युजवेंद्र चहल ने अपनी पुरानी टीम के खिलाफ वापसी करते हुए उन्हें चलता किया।
विराट कोहली की धीमी शुरुआत ने प्रशंसकों को निराश किया। सोशल मीडिया पर आलोचनाएं शुरू हो गईं। उनकी 35 गेंदों की पारी में सिर्फ़ 43 रन आए—जिसमें स्ट्राइक रोटेशन और टाइमिंग की स्पष्ट कमी दिखी।
रजत पाटीदार, लियाम लिविंगस्टोन, और जितेश शर्मा ने तेजी लाने की कोशिश की।
पाटीदार: 26 रन (17 गेंद)
लिविंगस्टोन: 25 रन (15 गेंद)
जितेश शर्मा: 24 रन (10 गेंद, 2 छक्के, 2 चौके)
रोमारियो शेफर्ड ने अंत में 9 गेंद में 17 रन जोड़ RCB को 190 रन तक पहुंचाया।
🔥 पंजाब के गेंदबाज़:
काइल जेमिसन: 4 ओवर, 48 रन, 3 विकेट
अर्शदीप सिंह: 4 ओवर, 40 रन, 3 विकेट
चहल: 1 विकेट (4 ओवर में 27 रन)
RCB का स्कोर लड़खड़ाता नज़र आया लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए 190 का लक्ष्य एक सम्मानजनक और चैलेंजिंग टोटल था।
पंजाब किंग्स की जवाबी पारी: उम्मीद और हताशा के बीच जूझती एक टीम
प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह ने पंजाब को तेज़ शुरुआत दी—6 ओवर में 52 रन। लेकिन 7वें ओवर में हेज़लवुड ने प्रियांश को चलता किया (24 रन, 19 गेंद)।
प्रभसिमरन ने भी ज्यादा देर नहीं टिके और 22 गेंद में 26 रन बनाकर क्रुणाल पंड्या की गेंद पर आउट हो गए।
सबसे बड़ा झटका तब लगा जब कप्तान श्रेयस अय्यर एक रन बनाकर आउट हो गए। उनके खराब शॉट चयन ने शीर्ष क्रम को बैकफुट पर ला दिया।
जोश इंग्लिस ने 23 गेंदों में 39 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 4 छक्के थे। लेकिन जब टीम को उनसे लम्बे समय तक टिकने की ज़रूरत थी, तब वो क्रुणाल की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में आउट हो गए।
शशांक सिंह अंत तक लड़े—61 रन की नाबाद पारी (38 गेंद) ने जीत की आस बनाए रखी। लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते गए।
निर्णायक मोड़ : 19वें ओवर तक पंजाब को जीत के लिए 24 रन चाहिए थे और शशांक स्ट्राइक पर थे। लेकिन अंतिम ओवर में भुवनेश्वर कुमार ने कमाल की गेंदबाजी की। अंतिम 6 गेंदों में सिर्फ 8 रन ही आए।
क्रुणाल पंड्या और भुवनेश्वर कुमार की गेंदबाज़ी RCB की जीत की असली कहानी थी।
रणनीति और मनोविज्ञान: क्यों जीती RCB?
1. टॉस हारकर सही शुरुआत
RCB ने टॉस हारने के बाद भी हौसला नहीं खोया। ओपनर्स ने पावरप्ले में दम दिखाया और मिडल ऑर्डर ने अंतिम 10 ओवरों में 110 रन जोड़े।
2. क्रुणाल पंड्या का ऑलराउंड योगदान
क्रुणाल ने 4 ओवर में 2 विकेट लेकर पंजाब की पारी की रीढ़ तोड़ी। साथ ही एक महत्वपूर्ण कैच भी लिया।
3. भुवनेश्वर कुमार का अनुभव
डेथ ओवरों में भुवी की गेंदबाज़ी क्लासिक थी। यॉर्कर, स्लोअर और लेंथ में विविधता ने शशांक जैसे सेट बल्लेबाज़ को भी काबू में रखा।
4. विराट की कप्तानी नहीं, नेतृत्व का अनुभव
हालांकि कप्तान रजत पाटीदार थे, लेकिन मैदान पर निर्णय लेने और फील्ड प्लेसमेंट में विराट कोहली की छाया स्पष्ट रूप से दिखी।
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