
जयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा जैन समाज द्वारा की जा रही मांग को मानते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने “जैन श्रमण संस्कृति बोर्ड ” का गठन कर दिया है। जैन मुनियों व समाज के लोगों ने इस बात का स्वागत किया है। समाज में खुशी का माहौल है।
जैन समाज से मनोनीत पार्षद विनोद जैन ने बताया कि पिछले कुछ वर्षो में अल्पसंख्यक जैन समाज के तीर्थो, संतो पर जिस प्रकार से हमले किए जा रहे हे। तीर्थो पर अतिक्रमण व कब्जे का प्रयास किया जा रहा है, उससे जैन समाज उद्वेलित हे। सामाजिक संसद द्वारा जैन बोर्ड के गठन की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसके लिए समाज की ओर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का समाज की ओर से आभार जताया।

उधर, मध्यप्रदेश में भी ये मांग शिवराज सरकार से कई बार की गई किंतु शिवराज सरकार की उदासीनता रही। अब सामाजिक संसद द्वारा कमलनाथ जी के समक्ष इस मांग को पुरजोर रूप से रख कर मध्य प्रदेश में भी जैन समुदाय, धर्म और संस्कृति की रक्षा हेतु बोर्ड के गठन की मांग की जाएगी।
एमपी से जैन समाज के सुरेन्द्र बाकलीवाल , नकुल पाटोदी, पिंकी टोंग्या, जैनेश झांझरी, महावीर जैन आदि ने गहलोत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।ये भी पढ़ें – अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
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