
ओटावा। ईरान में एक कनाडाई नागरिक की हत्या को लेकर कनाडा ने ईरानी अधिकारियों की कड़ी निंदा की है। साथ ही कनाडा ने ईरान में जारी जन-विरोध प्रदर्शनों के दौरान की जा रही दमनकारी कार्रवाइयों को तुरंत समाप्त करने की मांग की है।
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अपने नागरिक की मौत की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे ईरानी नागरिक, जो दमन और लगातार हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं, उनके प्रति ईरानी शासन का रवैया मानव जीवन की खुलेआम अवहेलना को दर्शाता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कनाडा ईरानी शासन द्वारा की जा रही हिंसा की निंदा करता है और इसे तत्काल रोकने की मांग करता है। हालांकि, विदेश मंत्री या कनाडा के विदेश मंत्रालय ने मृतक की पहचान, घटना का स्थान या समय जैसी जानकारी साझा नहीं की।
इससे एक दिन पहले औद्योगिक लोकतांत्रिक देशों के समूह जी7 के विदेश मंत्रियों ने ओटावा से जारी एक संयुक्त बयान में चेतावनी दी थी कि यदि ईरान अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का उल्लंघन करते हुए विरोध और असहमति को दबाता रहा, तो उस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
जी7 के बयान में कहा गया कि मौतों और घायलों की बढ़ती संख्या की रिपोर्ट बेहद चिंताजनक है। समूह ने प्रदर्शनकारियों की हत्या, जानबूझकर हिंसा के प्रयोग, मनमानी गिरफ्तारियों और सुरक्षा बलों द्वारा डराने-धमकाने की रणनीतियों की कड़ी निंदा की।
कनाडाई नागरिक की हत्या की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा जारी रही तो अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को आश्वासन दिया गया है कि प्रदर्शनकारियों की हत्याएं रोकी जाएंगी। वहीं, ईरान ने गुरुवार को यह दावा किया कि वह किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ मौत की सजा का वारंट जारी नहीं कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने भी इस सप्ताह कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या तुरंत बंद होनी चाहिए और उन्हें ‘आतंकवादी’ करार देकर हिंसा को सही ठहराना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उनके कार्यालय के अनुसार, अस्पतालों में बच्चों समेत बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव है।
मानवाधिकार संगठनों का अनुमान है कि अब तक 2,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इंटरनेट और संचार सेवाओं के बंद होने के कारण सटीक आंकड़े जुटाना मुश्किल हो रहा है।
कनाडाई विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस समय ईरान में 3,054 कनाडाई नागरिक और स्थायी निवासी मौजूद हैं, जिन्हें देश छोड़ने की सलाह दी गई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2003 में ईरान-कनाडाई स्वतंत्र फोटोग्राफर ज़हरा काज़मी की भी तेहरान में गिरफ्तारी के बाद हिरासत में मौत हो गई थी।
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