
उदयपुर। बापूनगर बड़गांव स्थित नटराज किड्स प्लैनेट उस सोच का नाम है, जहाँ शिक्षा केवल किताबों की सीमाओं में नहीं बंधती, बल्कि खेल के मैदान, अनुशासन और संस्कारों के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व को गढ़ा जाता है। यही कारण है कि यहाँ हर आयोजन सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रेरणा का पर्व बन जाता है।
इसी भावनात्मक और उत्साहपूर्ण सोच को साकार करता हुआ विद्यालय का एनुअल स्पोर्ट्स डे “Vitality 25–26” बड़े ही हर्षोल्लास, उमंग और तालियों की गूंज के साथ संपन्न हुआ। रंग-बिरंगे परिधान, बच्चों की चमकती आँखें और अभिभावकों का गर्व—पूरा परिसर मानो ऊर्जा से भर उठा।

विद्यालय की डायरेक्टर श्वेता श्रीमाली ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक नहीं, बल्कि ऐसा आत्मविश्वास पैदा करना है, जिससे बच्चा जीवन की हर दौड़ में पूरे साहस के साथ आगे बढ़ सके।”
उनके शब्दों ने नन्हे खिलाड़ियों के हौसले को नई ताकत दी।
कार्यक्रम की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब मुख्य अतिथि जिला सेशन जज महेंद्र दवे ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “स्वस्थ शरीर ही मजबूत मस्तिष्क की नींव होता है, और खेल इस नींव को मजबूत करने का सबसे सुंदर माध्यम हैं।”
उनकी बातों ने बच्चों को यह सिखाया कि मैदान की जीत, जीवन की जीत की पहली सीढ़ी है।
पुलिस उप अधीक्षक राजेश यादव ने अनुशासन, लक्ष्य निर्धारण और निरंतर प्रयास के महत्व पर जोर देते हुए बच्चों को बताया कि मेहनत और नियमों का पालन ही सफलता की असली पहचान है।
वाणिज्य महाविद्यालय के व्यवसाय प्रशासन विभागाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र श्रीमाली ने बच्चों के चरित्र निर्माण, संस्कार और सकारात्मक सोच पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों के सपनों के साथी बनें, बोझ नहीं।

विशिष्ट अतिथि जितेश श्रीमाली ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि हार-जीत से ऊपर होता है प्रयास, और जो प्रयास करता है वही आगे बढ़ता है।
खेल मैदान में बच्चों ने दौड़, संतुलन, टीम गेम्स सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में ऐसा प्रदर्शन किया कि हर तालियों की गूंज उनके आत्मविश्वास को और ऊँचा ले गई। विजेता प्रतिभागियों को गोल्ड और सिल्वर मेडल के साथ आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए, वहीं हर बच्चे को मंच ने यह संदेश दिया—“तुम सब विजेता हो।”
विद्यालय अध्यक्ष जतिन श्रीमाली ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी देते हुए अतिथियों, अभिभावकों और आयोजन टीम के प्रति आभार प्रकट किया।
बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने इस आयोजन को बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया।
“Vitality 25–26” सिर्फ एक स्पोर्ट्स डे नहीं था, यह बच्चों को यह विश्वास दिलाने का उत्सव था कि—“अगर हौसला है, तो हर मैदान अपना है।”
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