
न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन। दशकों तक दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों के बीच रसूख रखने वाले अमेरिकी यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन की फाइलों ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में भूकंप ला दिया है। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए लगभग 30 लाख नए दस्तावेजों ने कई बड़े नेताओं, बिज़नेसमैन और मशहूर हस्तियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

ट्रंप और एपस्टीन: दोस्ती से कानूनी टकराव तक
इन फाइलों में सबसे ज्यादा चर्चा नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हो रही है। हालांकि ट्रंप ने हाल ही में इन फाइलों को सार्वजनिक करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन अब वे खुद इसके घेरे में नजर आ रहे हैं।
दस्तावेजों के अनुसार, 1990 के दशक में ट्रंप और एपस्टीन के बीच गहरी दोस्ती थी। उन्हें कई हाई-प्रोफाइल पार्टियों में साथ देखा गया था और ट्रंप ने एक बार एपस्टीन को “शानदार आदमी” तक कहा था। हालांकि, ट्रंप का दावा है कि 2004 के आसपास एक जमीन सौदे को लेकर हुए विवाद के बाद उन्होंने एपस्टीन से सारे रिश्ते तोड़ लिए थे। ट्रंप ने इन फाइलों के जारी होने को अपने खिलाफ एक ‘राजनीतिक साजिश’ करार दिया है।
फाइलों में शामिल अन्य दिग्गज नाम
एपस्टीन के निजी विमान (जिसे ‘लोलिता एक्सप्रेस’ कहा जाता था) के फ्लाइट लॉग और ईमेल रिकॉर्ड्स में कई चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं:
बिल क्लिंटन: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति का नाम कई बार आया है, हालांकि उन्होंने किसी भी गलत काम की जानकारी होने से इनकार किया है।
प्रिंस एंड्रयू: ब्रिटिश राजघराने के सदस्य एंड्रयू इन फाइलों के कारण लंबे समय से विवादों में हैं।
दिग्गज हस्तियां: माइकल जैक्सन, एलन मस्क और कई पूर्व अमेरिकी मंत्रियों के नाम भी इन दस्तावेजों के किसी न किसी हिस्से में दर्ज हैं।
भारत से जुड़ा दावा खारिज
इन फाइलों के हवाले से सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एपस्टीन की मुलाकात का एक दावा भी प्रसारित हुआ था। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई मुलाकात कभी नहीं हुई और यह केवल भ्रामक प्रचार है।
क्या है एपस्टीन का काला इतिहास?
जेफ़री एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जिसे नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और मानव तस्करी का नेटवर्क चलाने का दोषी पाया गया था। साल 2019 में जेल के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया। उसकी मौत के 6 साल बाद भी, एफ़बीआई के पास मौजूद 300 जीबी डेटा धीरे-धीरे सार्वजनिक हो रहा है, जो दुनिया के रसूखदार लोगों के लिए गले की हड्डी बना हुआ है।
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