राजस्थान दिवस विशेष : वेदांता बदल रहा है मरुधरा की तस्वीर, एक लाख करोड़ रुपए का नया निवेश और विकास की नई उड़ान

उदयपुर/जयपुर।

 

राजस्थान सिर्फ अपनी संस्कृति और किलों के लिए ही नहीं, बल्कि अब अपनी औद्योगिक शक्ति के लिए भी दुनिया भर में पहचाना जा रहा है। राजस्थान दिवस के इस खास मौके पर, वेदांता समूह ने राज्य के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए ₹1 लाख करोड़ के अतिरिक्त निवेश की घोषणा की है।

यह निवेश न केवल राजस्थान को ‘आत्मनिर्भर भारत’ का केंद्र बनाएगा, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में समृद्धि भी लाएगा।

1.5 लाख करोड़ के बाद अब ₹1 लाख करोड़ का नया संकल्प

वेदांता समूह अपनी प्रमुख कंपनियों— हिंदुस्तान जिंक और केयर्न ऑयल एंड गैस के माध्यम से राजस्थान में पहले ही ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश कर चुका है। अब, ₹1 लाख करोड़ का नया निवेश धातुओं, तेल, गैस और ऊर्जा क्षेत्रों में विकास के अगले चरण को गति देगा।

आर्थिक मजबूती के स्तंभ: आंकड़े जो गर्व कराते हैं

पिछले एक दशक में वेदांता ने राजस्थान और देश की प्रगति में जो योगदान दिया है, वह बेमिसाल है:

राजस्व में योगदान : राष्ट्रीय और राज्य के खजाने में लगभग ₹3 लाख करोड़ का योगदान।

खनन रॉयल्टी : राजस्थान की कुल खनन रॉयल्टी में हिंदुस्तान जिंक का हिस्सा लगभग एक-तिहाई है।

जीडीपी में उछाल : केयर्न के निवेश के कारण बाड़मेर जिले की जीडीपी में 650% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

रोजगार के अवसर : प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।

वैश्विक मानचित्र पर राजस्थान का बढ़ता कद

वेदांता के प्रयासों से राजस्थान आज दुनिया के औद्योगिक नक्शे पर चमक रहा है:

चांदी का निर्यात: हिंदुस्तान जिंक आज 40 से अधिक देशों को चांदी निर्यात कर रहा है, जिससे भारत ‘नेट एक्सपोर्टर’ बन गया है।

विश्व स्तरीय संपत्तियां: राज्य में दुनिया की सबसे बड़ी अंडरग्राउंड जिंक माइन (रामपुरा आगुचा) और भारत का सबसे बड़ा ऑनशोर तेल क्षेत्र (मंगला) मौजूद है।

ग्लोबल पहचान: हिंदुस्तान जिंक 2025 में इंटरनेशनल काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स में शामिल होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी है।

सामाजिक सरोकार: सिर्फ बिजनेस नहीं, बदलाव भी
वेदांता का उद्देश्य सिर्फ मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि समाज को सशक्त बनाना भी है। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के माध्यम से राज्य में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं:

नंद घर: बच्चों और महिलाओं के पोषण के लिए 25,000 से अधिक आधुनिक आंगनवाड़ियां (नंद घर) बनाई गईं।

शिक्षा: वेदांता गर्ल्स पीजी कॉलेज (रींगस) और अन्य स्कूलों के जरिए 75,000 से अधिक बच्चों और छात्राओं को शिक्षा से जोड़ा गया।

महिला सशक्तिकरण: अब महिलाएं न केवल ऑफिस में, बल्कि जमीन के नीचे खदानों (Underground Mines) में भी कमान संभाल रही हैं।

भविष्य की राह: जिंक पार्क और आधुनिक तकनीक
आने वाले समय में वेदांता ‘जिंक पार्क’ विकसित करने जा रहा है, जो अपनी तरह का पहला इकोसिस्टम होगा। इसमें लगभग 200 छोटे और मध्यम उद्योग (MSMEs) विकसित होंगे। वहीं, केयर्न ऑयल एंड गैस आधुनिक ‘एनहांस्ड ऑयल रिकवरी’ तकनीक का उपयोग कर देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करेगा।

निष्कर्ष
राजस्थान सरकार की नीतियों और वेदांता के निवेश के तालमेल ने राज्य को ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का बेहतरीन उदाहरण बना दिया है। राजस्थान दिवस पर यह संकल्प कि “विकास सबका हो और समावेशी हो”, मरुधरा को एक सुनहरे भविष्य की ओर ले जा रहा है।

आपकी राय: आपको क्या लगता है, इस भारी निवेश से राजस्थान के युवाओं के लिए करियर के कौन से नए रास्ते खुलेंगे? कमेंट में हमें जरूर बताएं!

 

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