महायुद्ध अब विश्वयुद्ध की कगार पर आ गया…यहां पढ़िए युद्ध के मैदान में क्या चल रहा है?

 

विश्व युद्ध की कगार पर मध्य पूर्व : इजरायली हमले में ईरान के खुफिया मंत्री की मौत, हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक तेल संकट

तेहरान/यरूशलेम/दुबई | मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने आज एक अत्यंत खतरनाक मोड़ ले लिया है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद ईरान के भीतर मची तबाही और जवाबी कार्रवाई ने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुना दी है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान पर हुए भीषण हवाई हमले में ईरान के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक की मौत हो गई है।

ईरान के खुफिया मंत्री की मौत : सत्ता के गलियारों में हड़कंप

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया है कि कल रात तेहरान में किए गए एक सटीक हमले में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब (Esmail Khatib) मारे गए हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों का सफाया: इजरायली सेना (IDF) के अनुसार, खतीब के साथ उनके मंत्रालय के दर्जनों वरिष्ठ कमांडर और अधिकारी भी इस ऑपरेशन में ‘एलिमिनेट’ (ढेर) कर दिए गए हैं।

महत्व: इस्माइल खतीब न केवल खुफिया प्रमुख थे, बल्कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के बेहद करीबी और कट्टरपंथी विचारधारा के स्तंभ माने जाते थे। उनकी मौत ईरानी सत्ता के ढांचे के लिए एक बड़ा झटका है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) प्रभावी रूप से बंद

अमेरिकी सेना ने मंगलवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी मिसाइल साइटों पर बमबारी की। इसके परिणामस्वरूप दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग अब व्यापार के लिए असुरक्षित हो गया है।

तेल संकट: विश्व के 20% तेल की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच सकती हैं।

यूएई पर खतरे के बादल: ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि यह साबित हुआ कि अमेरिकी विमानों ने यूएई (UAE) की धरती से उड़ान भरी है, तो वह सीधा पलटवार दुबई और अबू धाबी पर करेगा।

रिहायशी इलाकों में तबाही और जवाबी मिसाइल हमले

युद्ध का दायरा अब सैन्य ठिकानों से निकलकर शहरों तक पहुँच गया है:

ईरान: लोरिस्तान प्रांत के दोरूद (Dorud) शहर में हुए हमलों में 7 नागरिकों की मौत और 56 के घायल होने की खबर है।

इजरायल: ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में मल्टीपल-वारहेड मिसाइलों का उपयोग किया है, जो डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में सक्षम हैं। तेल अवीव के पास रामत गन (Ramat Gan) में 2 लोगों की मौत हुई है।

लेबनान: बेरूत के मध्य क्षेत्र ‘बाशौरा’ में इजरायली हमले में 20 से अधिक लोग मारे गए हैं।

खाड़ी देशों की स्थिति और ‘ओ री चिरैया’ की तरह विलुप्त होती शांति

कतर, कुवैत, यूएई और सऊदी अरब ने आज संयुक्त रूप से सैकड़ों ईरानी ड्रोनों और मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, आज एक ही दिन में उन्होंने 13 बैलिस्टिक मिसाइलें और 27 ड्रोन नष्ट किए हैं।

ईरान ने की अली लारिजानी की ‘शहादत’ की पुष्टि

ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्वीकार किया है कि इजरायली हमले में सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी मारे गए हैं।

बयान का मुख्य अंश: मंत्रालय ने इसे एक ‘कायरतापूर्ण आतंकी हमला’ करार दिया। इस हमले में लारिजानी के साथ उनके बेटे मोर्तेज़ा लारिजानी, आंतरिक सुरक्षा के उप सचिव और उनके गार्ड्स भी मारे गए हैं।

संकल्प: मंत्रालय ने कहा कि इस ‘महान शहीद’ का खून ईरान की एकता और संकल्प को और मजबूत करेगा।

UN से मांग: ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासचिव से मांग की है कि अमेरिका और ‘जायोनी शासन’ (इजरायल) की इस नग्न आक्रामकता पर ठोस प्रतिक्रिया दी जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इजरायल अब ‘एसासिनेशन सीक्वेंस’ (हत्याओं का क्रम) चला रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के पूरे नेतृत्व को खत्म करना है। वहीं, ईरान द्वारा ‘साउथ पार्स’ गैस सुविधाओं पर हमले की रिपोर्टों ने यूरोप और एशिया की गैस आपूर्ति पर भी संकट खड़ा कर दिया है।

अमेरिका का ‘बंकर बस्टर’ प्रहार: पाताल में भी सुरक्षित नहीं ठिकाने

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के तटीय मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने के लिए 5,000 पाउंड (2270 किलो) वजनी बंकर बस्टर बम (जीबीयू-72) का इस्तेमाल किया है।

तकनीक: यह बम सैटेलाइट नेविगेशन से चलता है और जमीन की अत्यधिक गहराई में बने कंक्रीट के मजबूत बंकरों को पूरी तरह तबाह करने की क्षमता रखता है। अमेरिका को संदेह है कि ईरान ने अपनी लंबी दूरी की मिसाइलें जमीन के काफी नीचे छिपा रखी हैं।

ईरान का रुख: ‘सीजफायर’ नहीं, ‘जंग का अंत’ चाहिए

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने तेहरान से अल जज़ीरा को दिए इंटरव्यू में कड़ा रुख अपनाया है:

शर्त: उन्होंने कहा, “हम अस्थायी सीजफायर नहीं चाहते, हम इस जंग का हमेशा के लिए अंत चाहते हैं।”

मोजतबा खामेनेई की सेहत: अराग़ची ने स्पष्ट किया कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें केवल हल्की चोटें आई हैं। वे स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए हैं।

तंज: उन्होंने कहा कि जो देश ईरान को हराने की बात करते थे, अब वे ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खुलवाने के लिए दूसरों से मदद मांग रहे हैं।

लेबनान में गहराता संकट: ‘जहरानी नदी’ पार करने का आदेश

इजरायली सेना (IDF) ने दक्षिणी लेबनान के नागरिकों को जहरानी नदी के उत्तर में जाने का अल्टीमेटम दिया है। यह क्षेत्र इजरायली सीमा से 40 किमी दूर है, जो यह संकेत देता है कि इजरायल लेबनान के भीतर अपने सैन्य ऑपरेशन का दायरा बहुत अधिक बढ़ाने जा रहा है।

ईरान ने जहां अपने नेतृत्व के नुकसान पर दुख और क्रोध जताया है, वहीं अमेरिका और इजरायल ने हमलों

की तीव्रता बढ़ाकर ईरान की सामरिक कमर तोड़ने की कोशिश तेज कर दी है। पूरी दुनिया की नजरें अब ईरान के अगले बड़े जवाबी कदम (Retaliation) पर टिकी हैं।

 

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