
जयपुर/उदयपुर। उदयपुर देहात जिला कांग्रेस के महासचिव अब्दुल कादर खान ने ईद-उल-फितर के मुकद्दस मौके पर तमाम मुल्क की आवाम और खुसूसन (विशेषकर) अपने जिले के अवाम को अपनी और अपनी जमात (पार्टी) की जानिब से दिल की गहराइयों से ईद की मुबारकबाद और नेक ख्वाहिशात पेश की हैं। उन्होंने इस मौके पर न सिर्फ मुल्क, बल्कि पूरी दुनिया में फैली बेचैनी और नफरत के सायों के दरमियान शांति और रवादारी (सहिष्णुता) की शम्मा जलाने का पैगाम दिया है।
दुनिया के मौजूदा और संगीन हालात (Global Perspective) को ज़हन में रखते हुए, अब्दुल कादर खान ने रब्बे-करीम से खुसूसी दुआ की। उन्होंने कहा, “आज जब दुनिया के कई हिस्सों में जंग, तबाही और इंसानी हुकूक (मानवाधिकारों) की पामाली का मंजर है, ऐसे में ईद का ये पाक त्योहार हमें आपसी रंजिशें भुलाकर गले मिलने और इंसानियत का दर्द बांटने का सबक देता है। हमारी दुआ है कि फिलिस्तीन से लेकर दुनिया के हर उस कोने तक जहां मासूमों का खून बह रहा है, वहां अमन-ओ-अमान का गहवारा बने।”
नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ का पैगाम
कांग्रेस की विचारधारा और गंगा-जमुनी तहजीब का जिक्र करते हुए महासचिव ने कहा कि
ईद का त्यौहार दिलों को जोड़ने का जरिया है, जो नफरत की सियासत को खत्म करने की ताकत रखता है।
मुल्क की सालिमियत (अखंडता) : जब हम सब मिलकर कोशिश करेंगे और एक-दूसरे के हुकूक का एहतराम करेंगे, तभी हमारा वतन तरक्की की नई बुलंदियों को छुएगा।
इत्तेहाद (एकता) : भारत की खूबसूरती उसकी ‘विविधता में एकता’ है, और यही पैगाम हम दुनिया को देते रहे हैं।
शांति और भाईचारा ही हकीकी ‘ईद का तोहफा’
अब्दुल कादर खान ने अपने पैगाम के आखिर में कहा कि मुल्क में अमन-चैन, भाईचारे और आईनी (संवैधानिक) मूल्यों का कायम रहना ही इस ईद का सबसे बड़ा और कीमती तोहफा होगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि हिंदुस्तान इसी तरह दुनिया के सामने रवादारी और भाईचारे की मिसाल पेश करता रहेगा।
About Author
You may also like
स्वागत की औपचारिकता या सियासी दूरी? उदयपुर एयरपोर्ट पर सीएम और उनसे मिलने वाले चेहरों की बॉडी लैंग्वेज
उदयपुर की विडंबना : सुखाड़िया के बाद बस घूमने आते रहे मुख्यमंत्री, बजट में मिला तो सिर्फ आश्वासन का झुनझुना
उदयपुर में डिप्टी सीएम का रौद्र रूप : सुस्त अफसरों को ‘अंतिम चेतावनी’, विधायक बोले- आंगनबाड़ी का पोषाहार तो जानवर भी नहीं खा रहे
उदयपुर के प्रमुख समाचार यहां पढ़िए…लेपर्ड के हमले में घायल महिला ने एमबी अस्पताल में तोड़ा दम, आबादी क्षेत्रों में बढ़ते खतरे से दहशत
थूर में सिद्धिविनायक प्राण-प्रतिष्ठा : डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने दिया जल व संस्कृति संरक्षण का संदेश
