
सैन फ्रांसिस्को/नई दिल्ली।
भारत के प्रसिद्ध भूगोलवेत्ता और ‘असोसिएशन ऑफ अमेरिकन ज्योग्राफर्स’ (AAG) के आजीवन सदस्य प्रोफेसर पी.आर. व्यास ने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया है।
शोध का मुख्य विषय : नई दिल्ली का सस्टेनेबिलिटी मॉडल
प्रो. व्यास का शोध ‘METABOLIC URBAN SUSTAINABILITY MODEL : Application to India’s Capital New Delhi’ पर केंद्रित है।
प्रस्तुति का समय : भारतीय समयानुसार 22 मार्च, 2026 की सुबह 4:30 बजे।
सराहना : इस सत्र की अध्यक्षता कर रहीं प्रो. एंजेला कनिंघम ने शोध पत्र की मौलिकता और प्रासंगिकता की काफी प्रशंसा की।
प्रकाशन : यह शोध पत्र जल्द ही AAG की कार्यवाही (Proceedings) में प्रकाशित किया जाएगा।
क्या है मेटाबॉलिक अर्बन सस्टेनेबिलिटी?
यह मॉडल एक शहर को एक ‘जीवित जीव’ (Living Organism) की तरह देखता है, जहाँ ऊर्जा, जल और संसाधनों के इनपुट और कचरे (Waste) के आउटपुट का विश्लेषण किया जाता है। दिल्ली जैसे महानगर के लिए यह मॉडल भविष्य की शहरी योजना बनाने में क्रांतिकारी साबित हो सकता है।
About Author
You may also like
मेवाड़ी परम्परा से हुआ ब्रिक्स देशों के विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत: सिटी पैलेस से हुए अभिभूत
बाबा बैद्यनाथ की स्थापना के साथ नारायण सेवा संस्थान में शिव कथा का विराम
भगीरथ की तपस्या से सीखें धैर्य और लोकसेवा का संकल्प: प्रशांत अग्रवाल
उदयपुर में ध्वस्त होती कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर उठते सवालों के बीच एक पाठक का एसपी डॉ. अमृता दुहन को खुला पत्र
स्कून्यूज़ मेमोरियल अवॉर्ड्स–2026 : दिवंगत महाराणा अरविन्द सिंह मेवाड़ की स्मृति में दिए गए प्रतिष्ठित शिक्षा सम्मान
