
उदयपुर। राजनीति में कभी-कभी वह अधिक महत्वपूर्ण होता है जो कहा नहीं जाता। डबोक एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्वागत की तस्वीरों को अगर गौर से देखा जाए, तो यह केवल फूलों और दुपट्टों का आदान-प्रदान भर नहीं था। इन तस्वीरों में मुख्यमंत्री की ‘मौन बेरुखी’ और कुछ पदाधिकारियों की ‘अति-सक्रियता’ के बीच एक गहरा द्वंद्व नज़र आता है, जिसे ‘उदयपुर फाइल्स’ के विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है।
आई कॉन्टैक्ट का अभाव : ‘अस्वीकृति’ का मूक संकेत

बॉडी लैंग्वेज विज्ञान में ‘नजरें मिलाना’ विश्वास और स्वीकार्यता का प्रतीक होता है। तस्वीरों में साफ़ दिख रहा है कि जब उदयपुर बीजेपी के कुछ पदाधिकारी (जिन पर कथित तौर पर गंभीर आरोप हैं या आरोपियों के साथ खड़े हैं) मुख्यमंत्री को दुपट्टा पहना रहे हैं, तब सीएम की नजरें उनसे नहीं मिल रही हैं। उनका लगातार नीचे की ओर देखना या चेहरा दूसरी तरफ घुमा लेना यह बताता है कि वे इन चेहरों के साथ अपनी ‘विजुअल आइडेंटिटी’ (दृश्य पहचान) नहीं जोड़ना चाहते।
‘डिस्टेंसिंग’ और क्लोज्ड बॉडी पोस्चर

जब पदाधिकारी बहुत करीब आकर अभिवादन की मुद्रा में हैं, तब मुख्यमंत्री का शरीर पीछे की ओर झुका हुआ (Leaning away) महसूस होता है। यह एक रक्षात्मक मुद्रा है जिसे राजनीति में ‘कोल्ड शोल्डर’ देना कहा जाता है। सीएम का चेहरा गंभीर है और उनके हाव-भाव में वह गर्मजोशी बिल्कुल गायब है जो अमूमन कार्यकर्ताओं से मिलते समय देखी जाती है। यह व्यवहार साफ़ संकेत देता है कि यह मुलाकात ‘मजबूरी’ है, ‘मंजूरी’ नहीं।
पदाधिकारियों का ‘पुष्टि’ पाने का प्रयास

दूसरी तरफ, आरोपी घेरे में रहे पदाधिकारियों की बॉडी लैंग्वेज में एक ‘डेस्पेरेशन’ (बेचैनी) साफ़ झलक रही है। वे बहुत करीब जाकर, झुककर और मुख्यमंत्री के शरीर के पास पहुंचकर यह दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि वे अभी भी मुख्यधारा का हिस्सा हैं। उनका यह व्यवहार जनता और आलाकमान को यह संदेश देने की कोशिश है कि—”देखिए, हम मुख्यमंत्री के कितने करीब हैं।”
प्रोटोकॉल की लक्ष्मण रेखा

तस्वीरों में मुख्यमंत्री का व्यवहार एक कुशल राजनेता की तरह है जो प्रोटोकॉल का उल्लंघन तो नहीं कर रहा, लेकिन अपनी मर्यादा और छवि को लेकर अत्यंत सजग है। सीएम ने न तो किसी को झिड़का, न ही किसी से हाथ मिलाया; उन्होंने केवल औपचारिकता पूरी की। यह उनके उन पिछले फैसलों की पुष्टि करता है जिसमें उन्होंने विवादित लोगों से मुलाकात के नाम हटवा दिए थे।
ये तस्वीरें गवाह हैं कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ‘उदयपुर फाइल्स’ के दागों को अपने दामन तक नहीं पहुंचने देना चाहते। एयरपोर्ट पर हुई इस मुलाकात में कार्यकर्ताओं की भीड़ तो थी, लेकिन मुख्यमंत्री और कुछ खास पदाधिकारियों के बीच ‘दिलों की दूरी’ कैमरे की आंख से छिप नहीं पाई। यह स्पष्ट है कि उदयपुर में स्वागत करने वाले ये चेहरे भले ही सीएम के सामने खड़े थे, लेकिन उनकी गुड-बुक (Good Book) में फिलहाल इनकी जगह नहीं बनी है।

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