उदयपुर : डकैती की योजना और अवैध हथियार मामले में चार दोषी करार, तीन साल के कारावास की सजा

 

उदयपुर | अपर सेशन न्यायालय (क्रम संख्या 2) की पीठासीन अधिकारी दमयंती पुरोहित ने डकैती की योजना बनाने और अवैध हथियार रखने के एक पुराने मामले में अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मामले में चार अभियुक्तों को आयुध अधिनियम (Arms Act) के तहत दोषी मानते हुए कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।

राज्य की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक दिनेश गुप्ता ने बताया कि न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए अभियुक्तों को सजा सुनाई है । गुप्ता के अनुसार, पुलिस थाना भूपालपुरा ने वर्ष 2016 में आयड ईदगाह के पास दबिश देकर इन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था, जो पेट्रोल पंप पर डकैती डालने की योजना बना रहे थे ।

इन अभियुक्तों को मिली सजा : न्यायालय ने जिनको दोषी करार दिया, उनमें आफताब शेख, शोएब उर्फ मामू, नरेन्द्र पानेरी और अकरम खान को धारा 3/25 आयुध अधिनियम के तहत 3-3 साल के साधारण कारावास और प्रत्येक पर 2,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है ।

शोएब उर्फ मामू : इसे धारा 4/25 आयुध अधिनियम के तहत अलग से 1 साल के साधारण कारावास और 1,000 रुपये के जुर्माने की भी सजा दी गई है ।

संदेह का लाभ पाकर ये हुए दोषमुक्त : अपर लोक अभियोजक ने जानकारी दी कि डकैती की योजना बनाने (धारा 399, 402 IPC) के आरोपों को न्यायालय ने संदेह से परे प्रमाणित नहीं माना, जिसके चलते अभियुक्तों को इन धाराओं से दोषमुक्त कर दिया गया । इसके अलावा, साक्ष्यों के अभाव में सिल्वेस्टर उर्फ दीपू, मोहम्मद शाहीन उर्फ राजा बाबू और इमरान खान उर्फ बंटी को भी सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है ।

क्या था मामला? दिनांक 14 नवंबर 2016 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आयड ईदगाह के पीछे कुछ बदमाश हथियारों से लैस होकर 100 फीट रोड स्थित एक पेट्रोल पंप को लूटने की साजिश रच रहे हैं । पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके से पांच बदमाशों को पकड़ा था और उनके कब्जे से देशी पिस्टल, रिवाल्वर, जिंदा कारतूस और धारदार चाकू बरामद किए थे ।

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