चांदपोल में तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा कथा शुरू, भव्य कलश यात्रा के साथ उमड़ा कुमावत समाज

उदयपुर।

पवित्र पुरुषोत्तम (अधिक) मास के पावन अवसर पर समाज द्वारा तीन दिवसीय संगीतमय “नानी बाई का मायरा” कथा का भव्य शुभारंभ किया गया है। कथा के प्रथम दिवस पर समाज के चारभुजा मंदिर (जाड़ा गणेश जी का चौक) से एक विशाल कलश एवं पोथी यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज जन और मातृ शक्ति शामिल हुए।

कुमावत समाज चांदपोल के प्रचार-प्रसार मंत्री कमल कुमावत द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कलश यात्रा के दौरान मातृ शक्ति और समाज के लोग बैंड-बाजे की मधुर धुनों पर भजन गाते और नृत्य करते हुए चल रहे थे।

इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा मार्ग की सफाई करते हुए स्वच्छता का संदेश भी दिया गया। यात्रा का पूरे मार्ग में समाज जनों द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। यह यात्रा जाड़ा गणेश जी चारभुजा मंदिर से प्रारंभ होकर अम्बामाता मंदिर होती हुई नाहरा घाटी (अम्बामाता मंदिर के पीछे) स्थित समाज भवन कथा स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई।

कृष्ण भक्ति से ही ‘नर से नारायण’ की प्राप्ति : व्यासपीठ

कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ से कथावाचक घनश्याम जी आंवला ने कृष्ण भक्त नृसिंह मेहता के जीवन परिचय का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि नृसिंह जी का भगवान कृष्ण के प्रति अटूट प्रेम, श्रद्धा और विश्वास ही था, जिसके कारण उन्हें एक साधारण नर से साक्षात नारायण की प्राप्ति हुई। ईश्वर के प्रति ऐसा ही निश्छल समर्पण हर भक्त में होना चाहिए। कथा के दौरान भजनों की अमृत वर्षा पर उपस्थित मातृ शक्ति और समाज जन भावविभोर होकर झूम उठे और कथा का आनंद लिया।

कथा में उपस्थित रहे समाज के पदाधिकारी

धार्मिक आयोजन के इस प्रथम दिन कुमावत समाज की कई प्रमुख विभूतियां और पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से पंचायत अध्यक्ष पुरुषोत्तम उदीवाल, चारभुजा मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष श्यामसुन्दर मानणिया, उपाध्यक्ष रमेश जी भदाणिया, महामंत्री श्याम लाल सलवाडिया, सुरेश साड़ीवाल और खैमराज सलवाडिया थे।

महिला समिति से माया अजमेरा, जयवंता मानणिया, जशोदा देवी, दिनेश लारना और सूरजपोल पंचायत कार्यकारिणी के पदाधिकारी शामिल हैं।

कथा के अंत में भगवान की महाआरती की गई और सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

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