उदयपुर से कलेजा कंपा देने वाली खबर : खेल-खेल में काल का ग्रास बने दो मासूम भाई, क्रेशर प्लांट की खान में डूबने से पूर्व सरपंच के दो पोतों की मौत

उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर का उमरडा इलाका आज दोपहर एक ऐसे चीत्कार से गूंज उठा, जिसने सुनने वाले हर शख्स की रूह को कंपा दिया। हिरण मगरी थाना क्षेत्र के उमरडा में स्थित अरिहंत क्रेशर प्लांट की पानी से भरी गहरी खान आज दो हंसते-खेलते परिवारों के चिरागों को हमेशा-हमेशा के लिए लील गई। पूर्व सरपंच लोगर मीणा के दो चचेरे पोते—13 साल का ओमकार और 15 साल का कुंदन—जो कुछ देर पहले तक अपनों की नजरों के सामने खेल रहे थे, वे खेल-खेल में मौत के इस गहरे आगोश में समा गए। हादसे की खबर जैसे ही फैली, पूरे गांव के लोग बदहवास होकर खान की तरफ दौड़ पड़े और हर तरफ सिर्फ चीख-पुकार मच गई।

इस खौफनाक मंजर के बीच जिंदगी की आखिरी उम्मीद लेकर राजस्थान नागरिक सुरक्षा विभाग को सूचना दी गई। उप नियंत्रक दीपेंद्र सिंह राठौड़ के आदेश पर पलक झपकते ही एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन कर मौके पर भेजा गया। मौके पर पहुंचे जांबाज गोताखोरों ने बिना एक पल गंवाए उफनते पानी में छलांग लगा दी। महज 5 मिनट के भीतर गोताखोरों ने दोनों मासूमों के निष्प्राण शरीरों को ढूंढ निकाला और बाहर ले आए। लेकिन अफसोस, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जब गोताखोर विजय नकवाल, रवि शर्मा और भवानी शंकर वाल्मीकि ने बोट ऑपरेटर कैलाश मेनारिया और चालक प्रकाश राठौड़ की मदद से उन मासूम जिस्मों को बाहर निकाला, तो उनकी पथराई आंखें देख वहां मौजूद हर पथरीला दिल भी रो पड़ा।

कलेजे के टुकड़ों के बेजान शरीरों को देखते ही माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उमरडा निवासी नाथूलाल के 13 वर्षीय बेटे ओमकार और नानालाल के 15 वर्षीय बेटे कुंदन की इस अकाल मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। नागरिक सुरक्षा टीम ने दोनों शवों को हिरण मगरी थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है, जिन्होंने पंचनामा भरकर शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। जिन आंगनों में कल तक इन बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और अपनों के आंसुओं का सैलाब है।

 

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