अहमदाबाद पुलिस का उदयपुर में बड़ा एक्शन : 1992 के राधिका जिमखाना हत्याकांड का दोषी और अब्दुल लतीफ़ गैंग का शार्पशूटर तस्लीम गिरफ़्तार

उदयपुर। गुजरात की अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के उदयपुर शहर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 7 साल से फरार चल रहे अपराधी मोहम्मद तस्लीम शेख को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी 1990 के दशक के कुख्यात अब्दुल लतीफ़ गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है और साल 1992 के चर्चित ‘राधिका जिमखाना नरसंहार’ तथा पूर्व राज्यसभा सांसद रऊफ वलीउल्लाह हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा था।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, तस्लीम शेख साल 2019 में साबरमती सेंट्रल जेल से अस्थायी पैरोल पर बाहर आया था, लेकिन पैरोल अवधि खत्म होने के बाद वह वापस जेल नहीं लौटा और फरार हो गया। पिछले सात सालों से वह पुलिस को चकमा देने के लिए लगातार अपने ठिकाने और अपनी पहचान बदल रहा था।

हाल ही में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को पुख्ता इनपुट और खुफिया जानकारी मिली कि तस्लीम उदयपुर में रह रहा है। वह यहां अपनी दूसरी पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहा था और अपना गुजारा करने के लिए छोटे-मोटे काम कर रहा था।

क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाकर दबोचा

जैसे ही तस्लीम की उदयपुर में मौजूदगी की पुष्टि हुई, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम ने राजस्थान (उदयपुर) में आकर एक गुप्त ऑपरेशन चलाया और उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि उसे वापस अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल भेजने के लिए जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

पकड़ा गया आरोपी गुजरात के दो सबसे हाई-प्रोफाइल मामलों में दोषी पाया गया था।

राधिका जिमखाना हत्याकांड (3 अगस्त 1992) : ओधव स्थित राधिका जिमखाना क्लब में अब्दुल लतीफ़ गैंग के हथियारबंद शूटरों ने घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। गुजरात के गैंगवार के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी अपराध में AK-47 राइफल का इस्तेमाल किया गया था। इस हमले का मुख्य निशाना शराब तस्कर हंसराज त्रिवेदी था।

पूर्व राज्यसभा सांसद रऊफ वलीउल्लाह की हत्या (अक्टूबर 1992) : जिमखाना हत्याकांड का खुलासा करने और दोषियों को बेनकाब करने की कोशिश में जुटे कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद रऊफ वलीउल्लाह की भी इस गैंग ने अक्टूबर 1992 में हत्या कर दी थी, जिसमें तस्लीम दोषी पाया गया था।

 

About Author

Leave a Reply