उदयपुर।
विश्व की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक और वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 सिल्वर उत्पादकों में शामिल वेदांता ग्रुप की कंपनी ‘हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड’ ने अपने संचालन के छह दशक (60 वर्ष) सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं. कंपनी की 60वीं वार्षिक आम बैठक में ‘हिंदुस्तान जिंक 2.0’ विजन को और मजबूत करने की घोषणा की गई, जो इसे भविष्य के लिए तैयार एक मल्टी-मेटल एंटरप्राइज बनाने की दिशा में अग्रसर करेगा.
वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड तोड़ वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन
कंपनी के लिए पिछला वित्त वर्ष (FY26) परिचालन और वित्तीय दोनों ही मोर्चों पर ऐतिहासिक रहा है:
ऐतिहासिक उत्पादन: खनन किए गए मेटल का प्रोडक्शन 1.1 मिलियन टन से अधिक रहा, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है.
शानदार वित्तीय आंकड़े: अनुशासित लागत प्रबंधन के चलते कंपनी ने रिकॉर्ड रेवेन्यू, एबिटा (EBITDA) और नेट प्रॉफिट दर्ज किया है.
इंडस्ट्री में सबसे बेहतर मार्जिन: बेहतरीन ऑपरेशनल एक्सीलेंस के दम पर कंपनी का एबिटा मार्जिन 50 प्रतिशत से अधिक रहा, जो इस पूरे उद्योग जगत में सबसे शानदार है. इसके साथ ही कंपनी वैश्विक स्तर पर सबसे कम लागत में उत्पादन करने वाली कंपनियों में बनी हुई है.
अगले 5 साल का मास्टर प्लान: 50,000 करोड़ का निवेश और क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य
हिंदुस्तान जिंक ने आगामी वर्षों के लिए एक बड़ा कैपेक्स प्रोग्राम तैयार किया है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
उत्पादन क्षमता का विस्तार: कंपनी की योजना अपने मेटल प्रोडक्शन को 1.1 मिलियन टन से बढ़ाकर सीधा 2 मिलियन टन (2 MTPA) करने की है.
भारी-भरकम निवेश: इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगले 5 वर्षों में 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इसके तहत ब्राउनफील्ड विस्तार और सप्लाई चेन की बाधाओं को दूर करने (डीबॉटलनेकिंग) की पहल की जाएगी.
चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर का संदेश: शेयरधारकों को संबोधित करते हुए चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा, “महत्वपूर्ण खनिजों में घरेलू क्षमताओं का विकास भारत की दीर्घकालिक विकास यात्रा का एक प्रमुख आधार होगा। हमारा लक्ष्य एक भविष्य-तैयार ऊर्जा परिवर्तन कंपनी बनना है, जो अनेक धातुओं और महत्वपूर्ण खनिजों में अपनी ताकत बढ़ाते हुए भारत के औद्योगिक विकास को गति दे।”
महत्वपूर्ण खनिजों के नए ब्लॉक और देश का पहला जिंक इंडस्ट्रियल पार्क
हिंदुस्तान जिंक माइनिंग क्षेत्र के अलावा डाउनस्ट्रीम और क्रिटिकल मिनरल्स में भी अपना दबदबा बढ़ा रही है:
महत्वपूर्ण खनिजों की खरीद: कंपनी ने टंगस्टन, पोटाश और रेयर अर्थ एलिमेंट्स के लिए नए ब्लॉक हासिल किए हैं। इसके साथ ही रेयर अर्थ मोनाजाइट ब्लॉक भी लिया है, जो भारत में किसी प्राइवेट कंपनी द्वारा की गई ऐसी पहली खरीद में से एक है।
जिंक इंडस्ट्रियल पार्क: त्रिपुरा ग्रुप और सीमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर कंपनी भारत का पहला इंटीग्रेटेड जिंक-बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बना रही है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को बढ़ावा देगा।
वेस्ट से वैल्यू क्रिएशन: पुरानी टेलिंग्स (कचरे) से मूल्यवान धातुएं निकालने के लिए सालाना 10 मिलियन टन क्षमता की ‘टेलिंग रीप्रोसेसिंग सुविधा’ पर काम चल रहा है।
सस्टेनेबिलिटी: वित्त वर्ष 2027-28 तक 70% रिन्यूएबल एनर्जी का लक्ष्य
जिम्मेदार विकास की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कंपनी ने लक्ष्य रखा है कि वित्त वर्ष 28 (FY28) तक वह अपनी 70 प्रतिशत बिजली की जरूरतें रिन्यूएबल (नवीकरणीय) ऊर्जा स्रोतों से पूरी करेगी। इसके अलावा, इस सेक्टर में अंडरग्राउंड ऑपरेशन्स सहित महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक है। कंपनी की कम्युनिटी वेलफेयर योजनाएं वर्तमान में 4,000 से अधिक गांवों के 26 लाख लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
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