उदयपुर नगर निगम चुनाव: पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने फतहसागर की पाल पर कार्यकर्ताओं में भरा जीत का ‘जादुई’ जोश

 

उदयपुर। नगर निगम रणभेरी के बीच शनिवार शाम झीलों की नगरी उदयपुर में सियासी पारा उस वक्त उफान पर आ गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता अशोक गहलोत ने मेवाड़ की धरा पर कदम रखा। टिकट घोषणा से पहले ही गहलोत की मौजूदगी ने कांग्रेस खेमे में गजब का करंट दौड़ा दिया है। कार्यकर्ताओं और दावेदारों के मुरझाए चेहरों पर चमक लौट आई और पूरे संगठन में जीत का जबर्दस्त हुंकार भर गया।

एयरपोर्ट से लेकर फतहसागर तक गूंजे नारे, कार्यकर्ताओं का उमड़ा सैलाब

डबोक एयरपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कांग्रेस पदाधिकारियों और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारों के साथ उनका भव्य इस्तकबाल किया। इसके बाद गहलोत सीधे पहुंचे फतहसागर झील की पाल पर, जहां शहर अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ और सैकड़ों जांबाज कार्यकर्ताओं के साथ चाय की चुस्कियों के बीच चुनावी रणनीति की बिसात बिछाई गई। गहलोत की सहजता और आत्मीयता ने हर एक कार्यकर्ता के दिल में नया जोश भर दिया।

‘दावेदार दस, टिकट एक… लेकिन लक्ष्य सिर्फ जीत : गहलोत का विजय मंत्र

चुनावी समर में टिकट की होड़ में जुटे दावेदारों में एकता का संचार करते हुए अशोक गहलोत ने सीधा और दो-टूक मंत्र दिया:

एकजुटता ही सबसे बड़ा हथियार : दावेदार दस हो सकते हैं, लेकिन टिकट एक को ही मिलेगा। अगर नगर निगम पर तिरंगा लहराना है और बोर्ड बनाना है, तो सबको कंधे से कंधा मिलाकर लड़ना होगा।

बगावत को ना, समर्पण को सम्मान : गहलोत ने दो-टूक शब्दों में कहा कि कोई भी बगावत का रास्ता न चुने। संगठन के लिए त्याग और समर्पण करने वाले हर निष्ठावान कार्यकर्ता की मेहनत बेकार नहीं जाएगी। आगे सरकार और संगठन में ऐसे समर्पित साथियों को पूरा मान-सम्मान और पद देकर नवाजा जाएगा।

मेवाड़ से शुरू हुआ चुनावी शंखनाद

फतहसागर किनारे देर शाम तक कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर पूर्व मुख्यमंत्री ने जमीनी नब्ज टटोली और सबको एक जाजम पर लाकर खड़ा कर दिया। उदयपुर में रात्रि विश्राम के बाद रविवार सुबह गहलोत प्रतापगढ़ के लिए रवाना होंगे। गहलोत के इस तूफानी दौरे ने साफ कर दिया है कि निकाय चुनाव में कांग्रेस पूरी आक्रामकता और एकजुट ताकत के साथ मैदान में उतर चुकी है।

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