उदयपुर डायरी : रात का खाना, चौड़ी सड़कें और बदलते शहर की तस्वीर

उदयपुर। शहरों की तरक्की केवल कागजों पर नक्शे खींचने से नहीं होती; वह तब दिखाई देती है जब आम नागरिक की रोजमर्रा की सहूलियत को ध्यान में रखकर योजनाएं जमीन पर उतरने लगें। उदयपुर शहर के विधायक ताराचंद जैन और उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) के आयुक्त अभिषेक खन्ना व उनकी टीम के बीच हुई ताजा समीक्षा बैठक इसी व्यावहारिक सोच की एक बानगी पेश करती है।

इस बैठक में सबसे दिलचस्प और जरूरी प्रस्ताव टेकरी स्थित यूडीए की 30,000 वर्ग फीट खाली जमीन को लेकर सामने आया। जैन साहब ने वहां एक आधुनिक ‘नाइट फूड कोर्ट’ विकसित करने का निर्देश दिया। यह फैसला बेहद व्यावहारिक है। देर रात जब कोई मुसाफिर ट्रेन या बस के सफर के बाद उदयपुर रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड पर पहुंचता है, तो उसे एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित जगह पर सुलभ भोजन मिल सके। एक जिंदादिल और पर्यटन के लिए मशहूर शहर में ऐसी सुविधाएं आज के दौर की पहली जरूरत हैं।

बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारने और यातायात को सुगम बनाने पर भी बिंदुवार चर्चा हुई। पुरोहितों का तालाब रोड को लेकर यूडीए की ओर से स्पष्ट किया गया कि आगामी 15 दिनों में सड़क सीमा से कब्जे व अतिक्रमण हटाकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसी तरह यूनिवर्सिटी रोड से शोभागपुरा जाने वाले मार्ग पर जिन दुकानों को सीज किया गया था, उनके लिए भी एक व्यावहारिक समाधान निकाला गया—दुकानदार अतिक्रमण हटाकर नियमन की अर्जी लगाएंगे, जिस पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई है।

सड़कों के चौड़ीकरण और कनेक्टिविटी पर भी सकारात्मक प्रगति देखने को मिली। नेहरू हॉस्टल के पास वाली सड़क का काम पूरा होकर आवागमन शुरू हो चुका है, जबकि ट्राइडेंट से पटेल सर्कल मार्ग पर टाइल्स लगाने और दो नए पुलों के निर्माण का काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, फतहसागर की शान ‘रानी रोड’ पर शाम के वक्त बोटिंग पॉइंट के पास लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए इंद्रलोक गार्डन में पार्किंग की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को बड़ी राहत मिलेगी।

एक और अहम मुद्दा मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पास 100 फीट सड़क पर लंबे समय से बने ‘बॉटलनेक’ का था। करीब 12 वर्ष पूर्व तत्कालीन कुलपति प्रो. आई.वी. त्रिवेदी के समय इसके अधिग्रहण और भूमि विनिमय को लेकर बनी सहमति बाद में अटक गई थी। विधायक ने अब मौजूदा कुलपति से बातचीत कर इस बरसों पुरानी बाधा को हमेशा के लिए सुलझाने की पहल की है।

आगामी 10 अक्टूबर को विधायक ताराचंद जैन और यूडीए के अधिकारी पुराना अशोका ग्रीन शोभागपुरा रोड, यूनिवर्सिटी-शोभागपुरा चौराहा और वन विभाग से जमीन अधिग्रहण के बाद विकसित हो रहे ठोकर चौराहे का संयुक्त मौका-मुआयना करेंगे।

जब जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक महकमा मिलकर शहर की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता देते हैं, तो व्यवस्थाएं तेजी से पटरी पर लौटती हैं। यह बैठक उदयपुर को अधिक सुगम, सुंदर और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक ठोस कदम नजर आती है।

 

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