फोटो जर्नलिस्ट : कमल कुमावत

उदयपुर। भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर देशव्यापी अभियान ‘लोकतंत्र बचाओ – अराजकता हटाओ’ के तहत बुधवार को भाजपा शहर जिला की ओर से सूरजपोल चौराहे से विशाल रैली निकाली गई। रैली बापू बाजार होते हुए टाउनहॉल स्थित बैंक चौराहे पर पहुंची, जहाँ वह एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गई।
भाजपा मीडिया संभाग प्रभारी चंचल कुमार अग्रवाल के अनुसार, रैली को संभाग प्रभारी नाहर सिंह जोधा, प्रदेश प्रवक्ता रामलाल शर्मा, जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, महापौर एवं पदयात्रा संयोजक पारस सिंघवी, शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अलका मुंदड़ा, सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रमोद सामर, पिंकी मांडावत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रवींद्र श्रीमाली, विशेष आमंत्रित सदस्य अतुल चंडालिया, पूर्व जिलाध्यक्ष मांगीलाल जोशी, रजनी डांगी और डॉ. किरण जैन ने संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर रवाना किया। हाथों में तिरंगा और पार्टी का ध्वज लिए कार्यकर्ताओं ने ‘एक नागरिक एक पहचान – भारत का वोट भारत की शान’ और ‘आंदोलन नहीं – विकास चाहिए’ जैसे नारों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कांग्रेस पर बरसे प्रदेश प्रवक्ता रामलाल शर्मा
सभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रामलाल शर्मा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला:
लोकतंत्र के दमन का आरोप: उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की हत्या का लंबा इतिहास कांग्रेस का रहा है। अपने शासनकाल में कांग्रेस ने 92 बार चुनी हुई राज्य सरकारों को अलोकतांत्रिक ढंग से बर्खास्त किया और आपातकाल लगाकर नागरिक अधिकारों का गला घोंटा।

2029 में मोदी की वापसी का संकल्प: शर्मा ने कहा कि जब तक प्रत्येक नागरिक को पक्का आवास नहीं मिल जाता, भारत पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं बन जाता और आतंकवाद-नक्सलवाद का समूल नाश नहीं होता, तब तक नरेंद्र मोदी जनता के दिलों और सत्ता के केंद्र में बने रहेंगे। जनता कांग्रेस के अराजक मंसूबों को कभी सफल नहीं होने देगी।
एसआईआर और वोटर लिस्ट पर कांग्रेस को खुली चुनौती
भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा:
इतिहास का हवाला: उन्होंने स्पष्ट किया कि 1952 से अब तक एसआईआर प्रक्रिया 12 बार आयोजित हुई है, जिसमें से 10 बार यह कांग्रेस के शासनकाल में ही संपन्न हुई। अब जब चुनाव आयोग पूर्ण पारदर्शिता के साथ यह प्रक्रिया कर रहा है, तो कांग्रेस अपनी तुष्टीकरण की राजनीति के चलते आपत्ति दर्ज करा रही है।

50 नामों की चुनौती: जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस को खुली चुनौती दी कि वह उदयपुर शहर में ऐसे 50 वैध मतदाताओं के नाम सार्वजनिक करे, जिनके नाम बिना नियम के वोटर लिस्ट से हटाए गए हों।
‘घुसपैठियों को संरक्षण देने वालों पर हो सख्त प्रहार’
संभाग प्रभारी नाहर सिंह जोधा ने कहा कि भाजपा ‘एक नागरिक, एक पहचान’ के सिद्धांत पर अडिग है और भारत के पवित्र मताधिकार को किसी भी घुसपैठिए के सहारे दूषित नहीं होने दिया जाएगा।

शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा और प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अलका मुंदड़ा ने भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित विपक्षी नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री के विरुद्ध की जा रही बयानबाजी की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि नकारात्मक राजनीति और धरने-प्रदर्शनों के बावजूद जनता केवल विकास और राष्ट्रहित के साथ खड़ी है, और 2029 में पुनः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर ही देश भरोसा जताएगा।
सभा का संचालन महापौर पारस सिंघवी ने किया तथा अंत में आभार प्रदर्शन मंडल अध्यक्ष विजय आहूजा ने व्यक्त किया। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, मोर्चों के प्रतिनिधि, वर्तमान व पूर्व पार्षद सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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