
उदयपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उदयपुर के सिटी पैलेस (राजमहल) में करीब 300 वर्षों से रुकी हुई एक गौरवशाली और आत्मीय परंपरा को नया जीवन मिला। मारवाड़ क्षेत्र के पांच प्रमुख गांवों—घेनड़ी, पिलोवणी, वणदार, रूंगड़ी और शिवतलाव—के राजपुरोहित समाज के प्रतिनिधियों ने राजमहल पहुंचकर मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और उनके परिवार को रक्षासूत्र (राखी) बांधा और सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंधों को पुनः स्थापित किया।
चूंदड़ी और राखी की 300 साल पुरानी परंपरा की पुनर्स्थापना
ऐतिहासिक दस्तावेजों और जनश्रुतियों के अनुसार, प्राचीन काल में इन पांचों गांवों की बहन-बेटियां हर रक्षाबंधन पर मेवाड़ राजमहल में राखी भेजा करती थीं, जिसके प्रत्युत्तर में राजमहल की ओर से उन्हें पारंपरिक आदर और उपहार स्वरूप ‘चूंदड़ी’ भेजी जाती थी।
समय के साथ करीब तीन शताब्दियों (300 वर्ष) से यह पावन सिलसिला बाधित हो गया था।
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की विशेष पहल और दूरदर्शिता से इस ऐतिहासिक परंपरा को पूरी गरिमा के साथ फिर से शुरू किया गया है।
आत्मीय स्वागत और स्नेह का आदान-प्रदान
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने पांचों गांवों से पधारे राजपुरोहित समाज के प्रबुद्धजनों और प्रतिनिधियों का राजमहल में गर्मजोशी व आत्मीयता से स्वागत-सत्कार किया और रक्षाबंधन की बधाई दी।
इस अवसर पर राजपुरोहित समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह केवल एक रस्म या औपचारिकता नहीं, बल्कि इतिहास के पन्नों में दर्ज भाई-बहन के उस अटूट स्नेह, विश्वास और परस्पर सम्मान का पुनर्जागरण है, जो मेवाड़ पूर्व राजपरिवार और उनके गांवों के बीच सदियों से चला आ रहा था। उन्होंने इस परंपरा को नई पीढ़ी के लिए सहेजने पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह का आभार जताया।
About Author
You may also like
उदयपुर बीजेपी में बगावत के खौफ से बंद लिफाफे में कैद हुए सिंबल, दावेदारों के हलक में अटकी जान
उदयपुर नगर निगम चुनाव : मुस्लिम प्रत्याशियों को मुस्लिम वोट नहीं, हिंदू वोटर्स का जीतना होगा दिल, पैगंबर के मैसेज और अपने अखलाक से देना होगा नफरत का जवाब
भारत-स्वीडन विकसित भारत शिखर सम्मेलन 2026: डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का हुआ भव्य स्वागत, युवाओं को दिया सांस्कृतिक नेतृत्व का संदेश
जिस ममता ने खाना खिलाया, उसी को लूट के लिए मार डाला : उदयपुर में बुजुर्ग दंपत्ति के अंधे कत्ल का पर्दाफाश, 40 जांबाजों की टीम ने 5 दरिंदों को दबोचा
उदयपुर नगर निगम चुनाव : पहले ही दिन दिनेश भट्ट के पहले नामांकन के क्या हैं सियासी मायने? क्या भाजपा ने तय कर लिया मेयर का चेहरा!
