
उदयपुर। जिसने कभी बेटे की तरह घर में पनाह दी, भूखा देख अपने हाथों से निवाला खिलाया, उसी ममता और विश्वास का ऐसा खौफनाक सिला मिलेगा—यह सायरा क्षेत्र के पुनावली गांव निवासी बुजुर्ग लहरीलाल (65) और उनकी धर्मपत्नी राधाबाई (62) ने सपने में भी नहीं सोचा था। भौतिक विलासिता, कर्ज के दलदल और अय्याशी की भूख में अंधे हुए कलयुगी पड़ोसियों ने चंद रुपयों व जेवरात के लिए इस सीधे-सादे बुजुर्ग दंपत्ति की बेरहमी से बलि चढ़ा दी। लेकिन कानून के लंबे हाथों और उदयपुर पुलिस की पैनी नजरों से ये शातिर हत्यारे बच नहीं सके। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
विश्वास का कत्ल : हथौड़े से वार कर बुजुर्ग को मारा, वृद्धा का घोंटा गला
मृतक लहरीलाल ज्योतिष और जन्मपत्री देखने का कार्य करते थे। साजिश के तहत आरोपी किशन और जीवन जन्मपत्री दिखवाने के बहाने घर में घुसे, जबकि मास्टरमाइंड पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल मौका पाकर बाथरूम में छिप गया। रात ढलते ही कुशल ने दरवाजा खोलकर अन्य साथियों को अंदर बुलाया।
नींद के आगोश में सो रहे बुजुर्ग लहरीलाल के सिर पर हथौड़े से लगातार 4-5 वार किए गए और ममता की मूरत राधाबाई का बेरहमी से गला घोंट दिया गया। इसके बाद दोनों के शवों को प्लास्टिक की थैलियों में पैक कर, टेप लपेटकर संदूक में छिपा दिया और घर से नकदी व जेवरात समेटकर फरार हो गए।
गुनाह छिपाने की शातिर चाल : खून साफ किया, जूते-चप्पल ले गए
वारदात के बाद आरोपियों ने बड़ी चालाकी से घर और बरामदे में फैले खून के धब्बों को साफ किया, चारपाई पर बिस्तर करीने से लगाए और दंपत्ति के जूते-चप्पल भी साथ ले गए ताकि लगे कि वे कहीं बाहर चले गए हैं। इसी धोखे की वजह से दो दिन तक परिजनों व रिश्तेदारों को किसी अनहोनी का भनक तक नहीं लगी।
उदयपुर पुलिस का काबिले-तारीफ ऑपरेशन : 40 जांबाजों ने तोड़ा साजिश का चक्रव्यूह
अंधे कत्ल की इस अत्यंत पेचीदा और चुनौतीपूर्ण गुत्थी को सुलझाने में उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बेमिसाल पेशेवर दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।
एसपी डॉ. अमृता दुहन ने 6 सीआई सहित 40 पुलिसकर्मियों की एक विशेष टास्क फोर्स गठित की। इस टीम में सायरा सीआई शैतानसिंह, गोगुंदा सीआई प्रवीणसिंह राजपुरोहित, डीएसटी प्रभारी भरत योगी, गोवर्धनविलास सीआई सुनील चारण, साइबर सेल प्रभारी फेलीराम और बेकरिया थानाधिकारी रामावतार सहित तकनीकी शाखा के जवानों ने दिन-रात एक कर दिया। साइबर इनपुट और जमीनी सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस ने न केवल वारदात का पर्दाफाश किया, बल्कि जिम ट्रेनर व कर्जे में डूबे आरोपी कुशल पालीवाल, किशन, जीवन, चंदन यादव और दिलीप चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। एक फरार आरोपी की तलाश जारी है।
उदयपुर पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने न केवल पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद दी है, बल्कि आमजन के बीच खाकी के प्रति विश्वास और सम्मान को भी नई ऊंचाई दी है।
About Author
You may also like
उदयपुर नगर निगम चुनाव : पहले ही दिन दिनेश भट्ट के पहले नामांकन के क्या हैं सियासी मायने? क्या भाजपा ने तय कर लिया मेयर का चेहरा!
कुमावत समाज ने की प्रतिनिधित्व की मांग : बीजेपी से 18 और कांग्रेस से 7 उम्मीदवारों का पैनल प्रस्तुत कर मांगा प्रतिनिधित्व
उदयपुर नगर निगम चुनाव 2026 : जिला निर्वाचन अधिकारी ने जारी किया संशोधित आदेश, RO-ARO की नियुक्ति और नामांकन कक्ष तय
उदयपुर निकाय चुनाव 2026 : भाजपा विधि प्रकोष्ठ ने तय किए 5 नामांकन केंद्र, वार्ड स्तर पर अधिवक्ताओं को सौंपी विधिक सहायता की जिम्मेदारी
कुमावत समाज 30 अगस्त को करेगा 80 वरिष्ठ धरोहरों का अभिनंदन : श्रमजीवी कॉलेज ऑडिटोरियम में सजेगा सम्मान समारोह
