गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी का बद्दी में शैक्षणिक भ्रमण : 70 विद्यार्थियों ने यूनिकेम और जाइडस में दवा निर्माण की आधुनिक तकनीक को समझा

उदयपुर। गीतांजली विश्वविद्यालय के संघटक संस्थान गीतांजली इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा विद्यार्थियों के लिए हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण (इंडस्ट्रियल विजिट) का आयोजन किया गया। इस दौरे में फार्मेसी के 70 छात्र-छात्राओं ने देश की दो अग्रणी दवा कंपनियों—यूनिकेम लेबोरेटरीज लिमिटेड और जाइडस लाइफसाइंसेस लिमिटेड—की आधुनिक निर्माण इकाइयों का दौरा किया।

भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ फार्मास्यूटिकल उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली और प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव कराना था।

कच्चे माल से लेकर पैकेजिंग तक की प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव

कंपनियों के तकनीकी विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रमुख विभागों का विस्तार से दौरा कराया:

विभागीय कार्यप्रणाली: छात्रों ने प्रोडक्शन मैनेजमेंट, क्वालिटी कंट्रोल (QC), क्वालिटी एश्योरेंस (QA) और रिसर्च लैबोरेटरीज की कार्यप्रणाली को बारीकी से देखा।

दवा निर्माण की तकनीक: विद्यार्थियों को कच्चे माल की जांच (Raw Material Testing), टैबलेट व सिरप के फॉर्मूलेशन, ग्रैन्यूलेशन, कंप्रेशन, कोटिंग और आधुनिक ऑटोमैटिक मशीनों के जरिए स्ट्रिप पैकेजिंग तक के पूरे चक्र का प्रत्यक्ष अवलोकन कराया गया।

अंतरराष्ट्रीय मानक: छात्रों को गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) और करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (cGMP) के सख्त अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों, स्वच्छता नियमों और उत्पादन सावधानियों के बारे में तकनीकी जानकारी दी गई।

शिक्षकों के दल ने किया सफल समन्वय

इस शैक्षणिक दौरे का सफल संचालन और प्रबंधन टूर कॉर्डिनेटर्स डॉ. कल्पेश गौर, डॉ. बविता गौर, डॉ. नरेंद्र भीमराज परिहार, डॉ. चेतन मालवीय और मोनिका वर्मा द्वारा किया गया। संस्थान प्रबंधन ने विद्यार्थियों को यह महत्वपूर्ण व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव उपलब्ध कराने के लिए यूनिकेम लेबोरेटरीज और जाइडस लाइफसाइंसेस के प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।

 

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