
उदयपुर। झीलों की नगरी की सर्द फिजाओं में जब शनिवार रात बॉलीवुड सेंसेशन जोनिता गांधी ने अपनी मखमली और पावरफुल आवाज का जादू बिखेरा, तो गांधी ग्राउंड में मौजूद हजारों संगीत प्रेमियों का दिल बाग-बाग हो गया। वेदांता उदयपुर वर्ल्ड म्यूज़िक फ़ेस्टिवल 2026 के दूसरे दिन का खुमार कुछ ऐसा था कि ‘झुमका गिरा रे’ की बीट्स पर पूरा शहर थिरक उठा।
फ्रांस से लेकर कैमरून तक के वैश्विक सुरों से सजी इस शाम का ‘ग्रैंड फिनाले’ जोनिता के नाम रहा। जैसे ही उन्होंने ‘मुकाबला-मुकाबला’ और ‘ब्रेकअप सॉन्ग’ जैसे चार्टबस्टर गाने शुरू किए, दर्शकों का उत्साह आसमान छूने लगा। यह महज एक कॉन्सर्ट नहीं, बल्कि सात समंदर पार की धुनों और बॉलीवुड के ग्लैमर का एक ऐसा अनूठा संगम था, जिसने उदयपुर की रात को यादगार बना दिया।
हिंदुस्तान ज़िंक के सहयोग और ‘सहर’ द्वारा परिकल्पित इस उत्सव ने अपने 10वें साल का जश्न बेहद भव्य अंदाज़ में मनाया। दिन का आगाज़ पिछोला झील के किनारे अम्ब्राई घाट पर हुआ। उगते सूरज की किरणों के बीच राधा बुबुक्वार के शास्त्रीय संगीत और फ्रांस के लेस इतिनेरेंटेस की ‘अकापेला’ (बिना वाद्ययंत्रों के गायन) प्रस्तुति ने दर्शकों को एक ध्यानमयी अनुभव दिया।
दोपहर होते-होते महफ़िल फतहसागर पाल पर सजी, जहाँ अमृत रामनाथ के आधुनिक शास्त्रीय फ्यूजन और केप वर्डे की कलाकार लुसिबेला की ‘मोर्ना’ धुनों ने झील के किनारे एक जादुई माहौल बना दिया। ताबा चाके के भावुक गीतों ने यहाँ मौजूद युवाओं के दिलों को छू लिया।
गांधी ग्राउंड में जोनिता गांधी का ‘पावर-पैक’ परफॉरमेंस
शाम होते ही उत्सव का केंद्र गांधी ग्राउंड बन गया। कैमरून की वैलेरी एकोउमे ने अपनी ‘अफ्रो-रॉक’ ऊर्जा से मंच पर आग लगा दी, जिसके बाद OAFF के इलेक्ट्रॉनिक बीट्स ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया।
लेकिन शाम का असली आकर्षण रहीं बॉलीवुड की वर्सेटाइल सिंगर जोनिता गांधी। जोनिता ने मंच पर आते ही अपनी आवाज़ और अदाओं से हजारों की भीड़ को थिरकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने एक के बाद एक सुपरहिट गानों की झड़ी लगा दी:
बॉलीवुड मैजिक: ‘मुकाबला मुकाबला’, ‘ओ हमदम सुनियो रे’ और ‘ज़रा ज़रा’ जैसे गानों पर पूरा ग्राउंड झूम उठा।
मैशअप और स्वैग: ‘अगर तुम साथ हो’ को रैप टच देकर उन्होंने सबको चौंका दिया। वहीं ‘ब्रेकअप सॉन्ग’ और ‘झुमका गिरा रे’ पर दर्शकों का उत्साह चरम पर था।
रीजनल टच: जोनिता ने पंजाबी गीत ‘अंखियां ले जाए’ और ‘मैं जानूं ना’ गाकर अपनी बहुमुखी गायकी का लोहा मनवाया।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान का बड़ा मंच
हिंदुस्तान ज़िंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने इस मौके पर कहा कि यह मंच उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर सशक्त बना रहा है। वहीं ‘सहर’ के संस्थापक संजीव भार्गव ने इस 10 साल के सफर को ‘सार्थक संगीत संवाद’ बताया।
कल होगा ग्रैंड फिनाले
रविवार को इस उत्सव का समापन होगा। सुबह अम्ब्रई घाट और दोपहर फतहसागर पर संगीत की महफ़िल सजेगी, जबकि शाम को गांधी ग्राउंड में अमित त्रिवेदी अपनी जादुई प्रस्तुति से इस फेस्टिवल को विदाई देंगे।
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