
उदयपुर। महाराणा भोपाल चिकित्सालय के कैंसर विभाग में आज त्रिशला जागृति मंच ने सेवा और सद्भाव का एक और उदाहरण पेश किया। मंच ने कैंसर विभाग के लगभग 105 मरीजों के बीच फल और बिस्किट वितरित कर न केवल उनके स्वास्थ्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई, बल्कि उम्मीद की एक नयी किरण भी बिखेरी। कार्यक्रम में एप्पल, केले, वनस्पति और बिस्किट जैसे पोषक तत्वों से भरे खाद्य पदार्थ वितरित किए गए, ताकि मरीजों को पोषण के साथ मानसिक सहारा भी मिल सके।
मंच की अध्यक्ष डॉ. किरण जैन ने बताया कि यह सेवा कार्यक्रम कैंसर विभाग के प्रमुख डॉ. नरेन्द्र राठौड़ के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। मरीजों के चेहरों पर जो मुस्कान कार्यक्रम के दौरान देखी गई, वह सेवा और मानवता की ताकत को बयां करती है।
समर्पण और सेवा का जीवंत उदाहरण
मंच की संगठन मंत्री विशाखा जैन ने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम में मंच के कई सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने अपनी भागीदारी से इसे सफल बनाया। विशाखा जैन ने कहा, “हमारा उद्देश्य न केवल मरीजों को शारीरिक पोषण प्रदान करना था, बल्कि उन्हें मानसिक और भावनात्मक समर्थन भी देना था।”
कार्यक्रम के बाद कैंसर विभाग प्रमुख डॉ. नरेन्द्र राठौड़ ने विभाग का दौरा करवाया और विभाग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
समूह की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में डॉ. किरण जैन, विशाखा जैन, पूनम जैन, मधु भोरावत, साधना जैन, ललिता अखावत, मीनाक्षी दामावत, आशा सिंघवी, खुशबू जैन, आशा संगावत, हेमलता जैन और प्रतिभा चंदावत जैसे सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। इन सभी ने अपनी सेवा भावना से यह संदेश दिया कि समाज के प्रति कर्तव्य और मानवता के प्रति संवेदना ही असली धर्म है।
मानवता की ओर बढ़ते कदम
इस सेवा कार्य से न केवल मरीजों को मदद मिली, बल्कि समाज को यह संदेश भी गया कि सामूहिक प्रयासों से बड़ी से बड़ी समस्याओं का सामना किया जा सकता है। त्रिशला जागृति मंच का यह कार्यक्रम एक उदाहरण है कि कैसे छोटे-छोटे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
About Author
You may also like
बाजार की पाठशाला : रिटायरमेंट के बाद चाहिए 50,000 रुपए की मासिक पेंशन? जानिए किस उम्र में कितना करना होगा निवेश
झीलों की नगरी में फिर सजा ‘पर्यटन सुरक्षा’ का तमाशा : फीते कटने से नहीं, जवाबदेही तय होने से सुरक्षित होते हैं सैलानी
मेवाड़ की माटी में सत्ता की चौसर: जब पंचायत के अखाड़े में दांव पर लग जाए दिग्गजों की चौधराहट
उदयपुर में रामलीला का मंचन (तीसरा दिन) : जब पत्थर में जान फूंक दी गई और निम्बार्क मैदान में छलक उठीं आंखें
नवरात्रि में मां की कृपा पाने के लिए करें साधना: वर्ल्ड ऑफ ह्यूमैनिटी में श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन, गूंजी देवी महिमा
