
उदयपुर। भारत की एकमात्र और दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल करते हुए उदयपुर जिले के बिछड़ी और देबारी स्थित राजकीय विद्यालयों में अत्याधुनिक इमर्सिव स्टेम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथेमेटिक्स) लैब्स की स्थापना की है।
कंपनी द्वारा सोसाइटी फॉर ऑल राउंड डेवलपमेंट के सहयोग से स्थापित ये हाई-टेक लैब्स ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराएंगी। राजस्थान के 76 से अधिक राजकीय स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं और तकनीक के जरिए शिक्षा उन्नयन की दिशा में यह पहल की जा रही है। उदयपुर में कुल तीन स्टेम लैब्स स्थापित की गई हैं।
इस अवसर पर उदयपुर के जिला शिक्षा अधिकारी लोकेश भारती ने कहा कि सीखने के लिए जिज्ञासा अत्यंत आवश्यक है। हिंदुस्तान जिंक की यह पहल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करेगी। खेल-खेल में और प्रयोगों के माध्यम से सीखने से बच्चों की बुनियाद मजबूत होगी।
कुराबड़ ब्लॉक की सीबीईओ मीना शर्मा ने कहा कि जब ग्रामीण बच्चों को आधुनिक उपकरणों से सीखने का अवसर मिलता है तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। यह पहल उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देगी।

उद्घाटन के दौरान बिछड़ी राजकीय विद्यालय की प्रधानाचार्य सुनीता बोरीवाल, जिंक स्मेल्टर राजकीय विद्यालय देबारी के प्रधानाचार्य जसवंत राय, प्रशासक धर्मी बाई, पूर्व सरपंच कमल सिंह एवं बाबू सिंह, उपसरपंच दूल्हे सिंह देवड़ा, प्रकाश डांगी, वेदांता समूह के हेड सीएसआर अनुपम निधि, एसबीयू डायरेक्टर जिंक स्मेल्टर देबारी विवेक यादव, रुचिका नरेश चावला, अपर्णा व्यास सहित सीएसआर टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
कंपनी द्वारा स्थापित स्टेम लैब्स को इमर्सिव इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया गया है। इनमें एडवांस्ड डिजिटल टूल्स, रिफर्बिश्ड इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल तथा 5,000 से अधिक डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल्स की सुविधा उपलब्ध है। जटिल विषयों को सरल बनाने के लिए वीआर हेडसेट और एआर सिमुलेशन के माध्यम से ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी आधारित कंटेंट डिलीवरी की व्यवस्था की गई है।

साथ ही कक्षाओं में बेहतर लाइटिंग, नया फर्नीचर, थीमैटिक कॉर्नर और आकर्षक शैक्षणिक चित्रों के माध्यम से सीखने के अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। केवल लैब स्थापना ही नहीं, बल्कि शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे तकनीक का प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों को बेहतर ढंग से पढ़ा सकें।
हिंदुस्तान जिंक अपनी सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत है। कंपनी वर्तमान में 2,300 से अधिक गांवों के लगभग 23 लाख लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।
ग्रामीण अंचल में आधुनिक स्टेम लैब्स की स्थापना से विज्ञान एवं तकनीक की शिक्षा को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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