
उदयपुर। दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत जस्ता (Zinc) उत्पादक कंपनी और वैश्विक स्तर पर शीर्ष 10 चांदी उत्पादकों में शामिल हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (BSE: 500188 | NSE: HINDZINC) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है।
परिचालन और लागत प्रबंधन में मजबूती के दम पर कंपनी के राजस्व, EBITDA और शुद्ध लाभ में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वित्तीय प्रदर्शन के प्रमुख आंकड़े
शुद्ध लाभ (Net Profit): साल-दर-साल (YoY) 145% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ रिकॉर्ड ₹5,469 करोड़ पर पहुंचा।
तिमाही राजस्व (Revenue): परिचालन से ₹13,747 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक तिमाही राजस्व दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 77% अधिक है।
EBITDA: ₹8,074 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जिसमें 109% की वृद्धि दर्ज की गई।
उत्पादन और लागत: कंपनी ने पहली तिमाही में रिकॉर्ड 268 किलो टन (KT) खनन धातु का उत्पादन किया। वहीं, प्रभावी लागत प्रबंधन के चलते जस्ता उत्पादन लागत घटकर 851 अमेरिकी डॉलर प्रति टन के ऑल-टाइम लो स्तर पर आ गई।
इन मजबूत आंकड़ों के साथ हिंदुस्तान जिंक ने दुनिया के सबसे कम लागत वाले जस्ता उत्पादकों में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।
शीर्ष नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव
अमरेंदु प्रकाश बने नए CEO और पूर्णकालिक निदेशक कंपनी के निदेशक मंडल ने अमरेंदु प्रकाश को 1 अगस्त 2026 से हिंदुस्तान जिंक का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त किया है।
इस्पात क्षेत्र के अनुभवी लीडर अमरेंदु प्रकाश के पास 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वे 2023 से 2026 तक स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
अमित गुप्ता ने CFO का पदभार संभाला : अमित गुप्ता ने 1 जून 2026 से कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) का पदभार संभाल लिया है। 20 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट अमित गुप्ता को वित्तीय रणनीति, पूंजी प्रबंधन और कॉरपोरेट गवर्नेंस का व्यापक अनुभव है।
ESG में बड़ी उपलब्धि : कंपनी की सतत विकास (Sustainability) पहलों के तहत चंदेरिया के बाद अब रामपुरा आगुचा खदान भारत की दूसरी ऐसी खदान बन गई है, जिसे प्रतिष्ठित ‘Zinc Mark’ प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
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