फोटो : कमल कुमावत

उदयपुर। सावन के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर झीलों की नगरी उदयपुर पूरी तरह शिव भक्ति के रंग में रंगी नजर आई। रानी रोड स्थित ऐतिहासिक महाकालेश्वर मंदिर से जब देवाधिदेव महादेव की भव्य शाही सवारी नगर भ्रमण के लिए निकली, तो समूचा शहर ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और ‘जय महाकाल’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। राजाधिराज महाकाल के दिव्य दर्शन पाने के लिए सड़कों के दोनों छोर पर अकीदतमंदों और श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।
पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत, भक्ति रस में झूमे श्रद्धालु
शाही सवारी महाकालेश्वर मंदिर परिसर से गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ रवाना हुई।मार्ग व स्वागत: पीपी सिंघल मार्ग, स्वरूप सागर, शिक्षा भवन चौराहा होते हुए जब सवारी चेतक सर्कल और हाथीपोल पहुंची, तो विभिन्न व्यापारिक संगठनों और सर्व समाज के लोगों ने पलक-पावड़े बिछाकर महाकाल का स्वागत किया।श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ पर पुष्पवर्षा कर आशीर्वाद लिया। भजन मंडलियों के भक्ति गीतों और शिव भजनों की धुन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते-नाचते सवारी के संग आगे बढ़ते रहे।
आकर्षक झांकियां, सजीव प्रस्तुतियां और कारों का लंबा काफिला
शाही ठाठ-बाट के साथ निकली इस सवारी में भगवान महाकाल के दिव्य रथ के आगे-पीछे भव्य झांकियों का कारवां चला।विघ्नहर्ता भगवान श्रीगणेश, भगवान परशुराम और पवनपुत्र हनुमान जी की सजीव व मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।बाहर से आए विशेष कलाकारों ने भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, तांडव और पौराणिक प्रसंगों पर आधारित सजीव प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।सवारी के साथ सुसज्जित कारों का एक लंबा काफिला भी कतारबद्ध होकर श्रद्धा भाव से साथ चला।
जगदीश चौक में जीवंत हुई सदियों पुरानी ‘हरि-हर मिलन’ की परंपरा
सवारी जब लोहा बाजार, हाथीपोल और घंटाघर के संकरे व पारंपरिक रास्तों से गुजरती हुई ऐतिहासिक जगदीश चौक पहुंची, तो वहां सदियों पुरानी ‘हरि-हर’ मिलन की दुर्लभ परंपरा का श्रद्धापूर्वक निर्वहन किया गया:कमल और सुदर्शन चक्र का पावन संगम: परंपरा के अनुसार भगवान जगदीश (विष्णु स्वरूप) की ओर से भगवान महाकाल को नीलकमल/कमल के पुष्प अर्पित किए गए।वहीं प्रत्युत्तर में महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट की ओर से भगवान जगदीश को दिव्य सुदर्शन चक्र भेंट किया गया।शैव और वैष्णव परंपरा के इस अद्भुत और अलौकिक मिलन को निहारने के लिए जगदीश चौक में हजारों श्रद्धालु हाथ जोड़े खड़े रहे।
पुनः मंदिर पहुंचकर विश्राम, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
जगदीश चौक में पारंपरिक रस्म पूरी होने के बाद सवारी शहर के अंदरूनी मार्गों से होती हुई देर शाम पुनः महाकालेश्वर मंदिर परिसर पहुंची, जहां महाआरती के साथ नगर भ्रमण यात्रा संपन्न हुई। यात्रा मार्ग में सुरक्षा और सुचारू यातायात के लिए पुलिस प्रशासन का व्यापक जाब्ता तैनात रहा।
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