
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने गृह विभाग और पुलिस के आला अधिकारियों को दो टूक कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई होनी चाहिए जिससे बदमाशों की रूह कांप उठे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब से किसी भी क्षेत्र में होने वाले अपराधों की सीधी जिम्मेदारी वहां के आईजी (रेंज महानिरीक्षक) और एसपी (पुलिस अधीक्षक) की होगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अलवर, गंगानगर और भरतपुर जिलों में हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उनसे जवाब-तलब किया। इसके अलावा, गोगुंदा में चरागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण के मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी को नोटिस भी जारी किया गया है।
सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं, नशा तस्करी का पूरा नेटवर्क करें ध्वस्त
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संगठित अपराध, साइबर क्राइम और नशा तस्करी के मामलों में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा। पुलिस को इन अपराधों के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 की तुलना में संगठित अपराध और फायरिंग की घटनाओं में कमी जरूर आई है, लेकिन इस गिरावट की रफ्तार को और तेज करना होगा।
अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए विशेष अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध हथियार ही संगठित अपराध की रीढ़ होते हैं। जिन जिलों में आर्म्स एक्ट के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, वहां अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि हथियार बरामद होने की स्थिति में पुलिस सिर्फ उस अपराधी तक सीमित न रहे, बल्कि हथियार सप्लाई करने वाले पूरे सिस्टम का पता लगाकर मुख्य सरगना तक पहुंचे।
अपराधियों के सोशल और फाइनेंशियल नेटवर्क का करें खात्मा
मुख्यमंत्री ने अपराधियों के सोशल मीडिया और फाइनेंशियल (वित्तीय) नेटवर्क को पूरी तरह से नष्ट करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी करे और उन युवाओं पर विशेष नजर रखे जो अपराधियों को फॉलो करते हैं। इसके साथ ही, भू-माफियाओं की गतिविधियों और हवाला लेन-देन पर अंकुश लगाकर अपराधियों की कमाई के स्रोतों को बंद किया जाए। ड्रग तस्करों की अवैध संपत्तियों को जब्त करने, कुर्क करने और ध्वस्त करने की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
साइबर पेट्रोलिंग बढ़ाएं और पीड़ितों को दिलाएं त्वरित न्याय
डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामलों पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने साइबर पेट्रोलिंग बढ़ाने और साइबर सेल में विशेष कार्मिक तैनात करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले जघन्य अपराधों में पुलिस पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ त्वरित और कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करे ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके।
मुख्यमंत्री ने सभी आईजी और एसपी को एनडीपीएस, गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर और अवैध हथियारों से जुड़े लंबित मामलों का व्यक्तिगत विश्लेषण कर समय सीमा में निस्तारण करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद के लिए सभी जिलों में नियमित रूप से सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) की बैठकें आयोजित की जाएं और मुख्यालय स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग हो।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह विभाग एवं पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी रेंज आईजी और जिलों के एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जुड़े।
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