
उदयपुर। वाणिज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त रविन्द्र जैन को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की इन्टेलिजेंस इकाई ने 8 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जैन पर आरोप है कि उन्होंने एक स्थानीय रिसॉर्ट के जीएसटी सर्वे की रिपोर्ट पर कार्यवाही न करने और आईटीसी क्लेम का फायदा पहुंचाने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
परिवादी द्वारा एसीबी को दी गई शिकायत के अनुसार, जैन लगातार 8 लाख रुपये की रिश्वत के लिए दबाव डाल रहे थे। इसके बाद एसीबी की टीम ने शिकायत का सत्यापन करते हुए उन्हें 1 लाख रुपये नकद और 7 लाख रुपये डमी करेंसी लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। न्यू
घटना के बाद आरोपी के घर और अन्य ठिकानों की तलाशी जारी है, और अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच भी की जा रही है। एसीबी महानिदेशक डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में यह पूरी कार्यवाही हुई।
मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।
About Author
You may also like
लोकतंत्र का बोर्डिंग पास : जीत के बाद बक्से में बंद ‘कमल’ और बाड़ेबंदी का नया शिफ़्ट
उदयपुर का सियासी पर्दा : सत्तर फ़ीसदी उम्मीदें, भीतरघात का नेपथ्य और सातवें बोर्ड की कशमकश
मतदान : राष्ट्रप्रेम भी, राष्ट्रधर्म भी : डॉ. प्रदीप कुमावत
उदयपुर नगर निगम के 80 वार्डों में मतदान शुरू : कानोड़ और मावली में भी कतारें; 220 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला आज
उदयपुर नगर निगम चुनाव वार्ड-7: जब लोकतंत्र तंग गलियों और साइन बोर्ड की तलाश में भटकने लगे
