
उदयपुर। उदयपुर के ऐतिहासिक गणगौर घाट स्थित बागोर की हवेली में शुक्रवार को दो दिवसीय चित्रकला प्रदर्शनी ‘बीकमिंग लाईट’ का शुभारंभ हुआ। यह प्रदर्शनी अहमदाबाद की कलाकार शीना चावला की अमूर्त कलाकृतियों पर आधारित है, जिसे जाने-माने शिल्पकार हेमंत जोशी ने उद्घाटित किया। प्रदर्शनी का क्यूरेशन नरेन्द्र पटेल द्वारा किया गया है।
इस अवसर पर केन्द्रीय उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, सहायक निदेशक (वित्त एवं लेखा) दुर्गेश चांदवानी, सी.एल. सालवी, हेमंत मेहता, सुनिल निमावत, सिद्धांत भटनागर, दीपक नवलखा, निलोफर, शर्मिला राठौड़ सहित कई कला-प्रेमी उपस्थित रहे।
शीना चावला की यह प्रदर्शनी 35 अमूर्त चित्रों का एक बेहद व्यक्तिगत और भावनात्मक संग्रह है, जो आत्म-चिकित्सा, मुक्ति और आत्म-खोज की प्रक्रिया को कलात्मक रूप में प्रस्तुत करता है। एक चित्र के पास खड़ी शीना कहती हैं –
“धीरे से कदम बढ़ाओ, ये पेंटिंग नहीं हैं, बल्कि साँसें हैं जिन्हें मैंने तब तक रोके रखा जब तक कि मैं प्रकाश नहीं बन गई।”
उनकी कला शैली को वे “सहज अमूर्त रचना” कहती हैं – जहाँ चित्र औपचारिकताओं से नहीं, बल्कि भावना और अंतःप्रेरणा से आकार लेते हैं। जैविक रेखाएं, बनावटदार सतहें और प्रतीकात्मक आकृतियाँ उनके कार्यों को विशिष्ट बनाती हैं। यह श्रृंखला जीवन के एक रूपांतरण को दर्शाती है – भार से हल्कापन, और शोर से शांति की ओर।
प्रदर्शनी 21 जून तक, प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक बागोर की हवेली में आमजन के लिए खुली रहेगी।
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