
उदयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर शुरू किए गए जल संचय जन भागीदारी अभियान में जिला कलेक्टर नमित मेहता के कुशल नेतृत्व एवं जिला परिषद सीईओ रिया डाबी के प्रयासों से उदयपुर जिले ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देशभर के शीर्ष जिलों में स्थान बनाया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए उदयपुर को 1 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिया डाबी ने बताया कि 6 सितम्बर 2024 को शुरू हुए इस अभियान को जिले ने जनभागीदारी के रूप में आगे बढ़ाया। 31 मई 2025 तक चले प्रथम चरण में उदयपुर ने प्रशासन, सभी सरकारी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी से कुल 35 हजार जल संरचनाओं का निर्माण एवं मरम्मत कार्य करवाया। इनमें 2 हजार 721 बोरवेल पुनर्भरण एवं शाफ्ट कार्य और 32 हजार 279 भू-जल पुनर्भरण कार्य शामिल रहे। इन प्रयासों की बदौलत भू-जल स्तर में सुधार, कृषि योग्य भूमि का विस्तार और शुद्ध पेयजल उपलब्धता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
जल संचय जन भागीदारी अभियान के तहत कुल 13 राज्यों के 67 जिलों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित करने हेतु चयनित किया गया है। उदयपुर जिले में अभियान की सफलता में पंचायतों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संगठनों और आमजन की सक्रिय भागीदारी रही। इस दौरान जल संरक्षण को लेकर व्यापक स्तर पर जागरूकता भी फैली। उदयपुर का यह गौरवपूर्ण स्थान जनसहभागिता की मिसाल है, जिसने पूरे देश में जल संचय के क्षेत्र में जिले को एक नई पहचान दिलाई है।
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