
बाड़मेर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दुष्कर्म के प्रयास का विरोध करने पर क्रिकेट बैट से किया वार, आरोपी गिरफ्तार
जयपुर। पुलिस थाना सेड़वा हल्का क्षेत्र के गांव भंवार में 6 अक्टूबर को हुई एक महिला की निर्मम हत्या के मामले में बाड़मेर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 12 घंटे के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह जघन्य अपराध मृतका के भतीजे ने ही अंजाम दिया था।
एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि 06 अक्टूबर की शाम करीब 5:50 बजे पुलिस थाना सेड़वा को सूचना मिली कि भंवार की सुथारों की ढाणी में ममता पत्नी बींजराम सुथार (40) की लहूलुहान अवस्था में संदिग्ध मौत हो गई है।
सूचना मिलते ही एसपी मीना स्वयं तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और तत्काल एफएसएल, एमओबी और डॉग स्क्वायड की टीमों को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए। वारदात की गंभीरता को देखते हुए सीओ चौहटन मदन सिंह के नेतृत्व में सेड़वा, धनाउ, बाखासर और डीएसटी की विशेष टीमों का गठन किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को 24 घंटे के भीतर अपराधी की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया।
*12 घंटे में बेनकाब हुआ आरोपी*
पुलिस की विशेष टीमों ने आधुनिक और पारंपरिक पुलिसिंग, तकनीकी आधार और गहन पूछताछ का सहारा लेते हुए जाँच शुरू की। जांच में मृतका के निकट पड़ोसी या रिश्तेदार पर शक गहराया। अंततः मृतक के रिश्ते में भतीजे मदन लाल पुत्र आम्बा राम सुथार (24) निवासी भंवार की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने पर उससे सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में मदनलाल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
आरोपी मदनलाल ने बताया कि घटना वाले दिन वह डिश सही करने के बहाने ममता के घर गया। महिला को घर में अकेला पाकर उसने जबरदस्ती अवैध संबंध बनाने की कोशिश की। महिला ने इसका कड़ा विरोध किया और जोर से चिल्लाने लगी। इस पर आवेश में आकर मदनलाल ने कमरे में रखे क्रिकेट बैट से ममता के सिर पर कई वार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
आरोपी ने घटना के बाद खून से सने कपड़े बदले और पुलिस की कार्रवाई के दौरान भी ग्रामीणों के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका के शव का उप जिला अस्पताल चौहटन में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।
महिला के पति प्रार्थी बींजाराम की रिपोर्ट पर पुलिस थाना सेड़वा में मामला दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान जारी है। इस खुलासे में थाना सेड़वा के एएसआई बीजराज सिंह की विशेष भूमिका रही।
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