जयपुर । राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड-2025 में राजस्थान ने एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीन राष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर देशभर में अपनी मजबूत डेयरी क्षमता का शानदार परिचय दिया है। इस वर्ष देशभर से प्राप्त 2081 आवेदनों में से राजस्थान ने तीनों प्रमुख श्रेणियों— बेस्ट डेयरी को-ऑपरेटिव सोसायटी, बेस्ट डेयरी फार्मर और बेस्ट एआई टेक्नीशियन— में अवॉर्ड हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित राष्ट्रीय दुग्ध दिवस समारोह में राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) को उत्कृष्टता के लिए दो अलग-अलग कैटेगरीज में सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि न केवल राजस्थान की मजबूत सहकारी प्रणाली, उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पादन और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है, बल्कि राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाती है।
राजस्थान के खाते में आए तीन राष्ट्रीय पुरस्कार
समारोह में केन्द्रीय पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री एस. पी. सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन ने पुरस्कार प्रदान किए। आरसीडीएफ की प्रबंध संचालक एवं प्रशासक श्रीमती श्रुति भारद्वाज और विभिन्न जिला दुग्ध संघों के पदाधिकारियों ने ये अवॉर्ड ग्रहण किए।
1. बेस्ट डेयरी को-ऑपरेटिव सोसायटी – घिनोई दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति (जयपुर)
घिनोई समिति को वर्ष 2025 का बेस्ट डेयरी को-ऑपरेटिव सोसायटी अवार्ड मिला। समिति को ₹3,00,000, मेरिट सर्टिफिकेट और प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया।
2. बेस्ट डेयरी फार्मर – हर्षित झुरिया (सीकर)
सीकर के नवाचारशील दुग्ध उत्पादक हर्षित झुरिया को उच्च गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों के लिए राष्ट्रीय सम्मान मिला। उन्हें ₹2,00,000, प्रमाणपत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए।
3. बेस्ट एआई टेक्नीशियन – विकास कुमार (हनुमानगढ़)
हनुमानगढ़ के विकास कुमार को प्रजनन सेवाओं एवं एआई तकनीक में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें मेरिट सर्टिफिकेट और प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया।
राजस्थान की उपलब्धि पर नेताओं ने दी बधाई
पशुपालन एवं गोपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत
उन्होंने कहा कि ये सम्मान प्रदेश के मेहनती दुग्ध उत्पादकों, तकनीशियनों और डेयरी समितियों की लगन का परिणाम है। राजस्थान नवाचार और गुणवत्ता के दम पर आने वाले वर्षों में भी डेयरी क्षेत्र में अग्रणी रहेगा।
आरसीडीएफ प्रशासक श्रीमती श्रुति भारद्वाज
उन्होंने कहा, “यह पुरस्कार राज्य के दुग्ध उत्पादकों की मेहनत का सच्चा सम्मान है। यह गौरव उन्हीं का है।”
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी राजस्थान ने दो श्रेणियों में राष्ट्रीय अवार्ड जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी।
आरसीडीएफ के बायोगैस पायलट प्रोजेक्ट, कार्बन क्रेडिट मॉडल और किसान-केंद्रित तकनीकी नवाचारों की भी राष्ट्रीय मंच पर सराहना हुई है।
राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड का महत्व
राष्ट्रीय गोपाल रत्न अवार्ड केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2021 से शुरू किया गया एक प्रतिष्ठित सम्मान है, जो पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं और तकनीशियनों को दिया जाता है।
इस वर्ष घोषित कुल 11 राष्ट्रीय अवॉर्ड्स में से तीन पर राजस्थान का कब्ज़ा राज्य की डेयरी उत्कृष्टता और तकनीकी प्रगति का प्रमाण है।
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