नई दिल्ली। गर्भावस्था का सफर एक महिला के जीवन का सबसे सुखद अहसास होता है, लेकिन इस दौरान सही पोषण मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए अनिवार्य है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, संतुलित आहार न केवल मां को शारीरिक शक्ति देता है, बल्कि बच्चे के बेहतर भविष्य की नींव भी रखता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस दौरान सेब, अनार, संतरा और केला को दैनिक आहार में शामिल करने की विशेष सलाह दी है।
इन फलों के सेवन से मिलते हैं जादुई फायदे:
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सेब (बढ़ाता है रोग प्रतिरोधक क्षमता): सेब फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट का भंडार है। यह गर्भवती महिला के पाचन तंत्र को सुधारकर कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है और मां-बच्चे दोनों की इम्यूनिटी को मजबूत करता है।
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अनार (एनीमिया से बचाव): आयरन, फोलेट और विटामिन से भरपूर अनार हीमोग्लोबिन बढ़ाने का सबसे बेहतरीन स्रोत है। यह शरीर में रक्त के संचार को बेहतर बनाता है और ‘मॉर्निंग सिकनेस’ व थकान को दूर करने में सहायक है।
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संतरा (शिशु के मस्तिष्क विकास के लिए): विटामिन सी से भरपूर संतरा न केवल संक्रमण से बचाता है, बल्कि इसमें मौजूद फोलेट बच्चे के मस्तिष्क (Brain) और रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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केला (एनर्जी का पावरहाउस): थकान और कमजोरी दूर करने के लिए केला सबसे सुलभ विकल्प है। इसमें मौजूद पोटैशियम मांसपेशियों के खिंचाव (Muscle Cramps) को रोकता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
विशेषज्ञों की सलाह: हालांकि ये फल पोषक तत्वों से भरपूर हैं, लेकिन गर्भावस्था के दौरान इन्हें संतुलित मात्रा में और अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।
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