अरावली भी टूटी, शिक्षा भी : औचक निरीक्षण में कलेक्टर ने पकड़ ली सिस्टम की नब्ज

फाइलों में सब ‘ऑल इज़ वेल’, जमीन पर निकली सच्चाई
उदयपुर। बैठक कक्षों में सब कुछ “ठीक” बताने वाले अफसरों की हकीकत गुरुवार को उस वक्त सामने आ गई, जब जिला कलेक्टर नमित मेहता बिना किसी पूर्व सूचना सीधे जमीन पर उतर आए। कभी कैलाशपुरी की अरावली पहाड़ियों में, तो कभी सुखेर के पीएम श्री स्कूल की कक्षाओं में—हर जगह तस्वीर कागजों से अलग नजर आई। कलेक्टर ने हांडी में चावल के एक-दो दाने देखकर ही समझ लिया कि अंदर खिचड़ी कैसे पक रही है।सुबह कलेक्टर का काफिला सीधे कैलाशपुरी क्षेत्र पहुंचा। अरावली की पहाड़ियों पर नजर डालते ही अवैध रास्ते, कटाव और निर्माण साफ दिखाई देने लगे। मौके पर मौजूद यूडीए अधिकारियों की बातें और पहाड़ियों पर पसरी हकीकत में फर्क देखते ही कलेक्टर का तेवर सख्त हो गया। उन्होंने वहीं खड़े-खड़े अधिकारियों को निर्देश दिए—अरावली में अतिक्रमण और अवैध निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा।कलेक्टर ने अवैध रास्तों और निर्माण को तत्काल ध्वस्त करने, पूरे क्षेत्र का ड्रोन सर्वे कराने और प्रकृति से छेड़छाड़ करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।अरावली से निकलते ही कलेक्टर सीधे पहुंचे पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुखेर। यहां भी हालात वही निकले—जो रिपोर्टों में बेहतर बताए जा रहे थे, वे जमीनी स्तर पर कमजोर नजर आए। कलेक्टर बिना किसी औपचारिकता के सीधे कक्षाओं में घुसे। विद्यार्थियों से पढ़ाई, रुचि और भविष्य के सपनों पर बातचीत की। अंग्रेजी और गणित के सवाल पूछे—कुछ जवाब आत्मविश्वास से आए, तो कुछ ने व्यवस्थाओं की सच्चाई खुद बयां कर दी।कलेक्टर ने विद्यार्थियों से कहा कि वे लक्ष्य तय कर पूरी तन्मयता से पढ़ाई करें, वहीं संस्था प्रधान और शिक्षा अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि पीएम श्री योजना केवल फाइलों में नहीं, कक्षाओं में दिखनी चाहिए।एडीपीसी समग्र शिक्षा ननिहाल सिंह को विद्यालय के मानकों के अनुरूप संचालन और जरूरी विकास कार्यों के प्रस्ताव तत्काल भिजवाने के निर्देश दिए गए।एक ही दिन में अरावली और स्कूल—दोनों जगह हुए औचक निरीक्षण से यह साफ हो गया कि अफसरों की बैठकों में पेश की जाने वाली तस्वीर और जमीनी सच्चाई में बड़ा फासला है। कलेक्टर नमित मेहता ने खुद मौके पर जाकर हालात देख लिए हैं। अब प्रशासनिक गलियारों में हलचल है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जवाबदेही और कार्रवाई दोनों दिखाई दे सकती हैं।निरीक्षण के दौरान यूडीए आयुक्त राहुल जैन, एडीपीसी समग्र शिक्षा ननिहाल सिंह, तहसीलदार अभिनव शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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