
उदयपुर। माइनिंग सेक्टर में सुरक्षा मानकों के सुदृढ़ीकरण और ऑपरेशनल एक्सीलेंस (Operational Excellence) को सुनिश्चित करने हेतु खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के तत्वावधान में हिंदुस्तान जिंक द्वारा 25वीं त्रिपक्षीय समिति की बैठक का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। यह उच्चस्तरीय संवाद मुख्य रूप से खदानों के भीतर ऑक्यूपेशनल हेल्थ, सेफ्टी (OHS) और वर्कफोर्स वेलफेयर के डेटा-संचालित प्रबंधन पर केंद्रित रहा।
इस स्ट्रैटेजिक मीटिंग का नेतृत्व हिंदुस्तान जिंक के CEO अरुण मिश्रा ने किया। तकनीकी और नियामक (Regulatory) दिशा-निर्देशों हेतु उत्तर-पश्चिम क्षेत्र के उप महानिदेशक (खान सुरक्षा) आर.टी. मांडेकर और ‘हिंदुस्तान जिंक वर्कर फेडरेशन’ के महासचिव के.एस. शक्तावत ने अपने इनपुट्स साझा किए।
तकनीकी विमर्श : प्रिवेंटिव और प्रोटेक्टिव मैकेनिज्म
महानिदेशालय के प्रतिनिधि आर.टी. मांडेकर ने माइनिंग इंजीनियरिंग के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान आकर्षित किया:
वेंटिलेशन ऑप्टिमाइजेशन : खदानों के भीतर एयर-क्वालिटी इंडेक्स और थर्मल स्ट्रेस को नियंत्रित करने हेतु उन्नत वेंटिलेशन प्रणालियों को प्राथमिकता।
प्रेडिक्टिव एनालिसिस (Predictive Analysis): भविष्य की जोखिम संभावनाओं को कम करने हेतु ‘एक्सीडेंट’ एवं ‘नियर-मिस’ (Near-Miss) डेटा का गहन तकनीकी विश्लेषण और प्रस्तुतीकरण।
इंप्लीमेंटेशन रोडमैप : सुरक्षा पहलों के कार्यान्वयन हेतु वार्षिक आधार पर एक्शन योग्य (Actionable) योजनाओं का निर्माण और उनके पूर्वानुमानित परिणामों (Forecasted Outcomes) की समीक्षा।
स्मार्ट और सस्टेनेबल माइनिंग का विजन
Hindustan Zinc के CEO अरुण मिश्रा ने तकनीकी अनुकूलन (Technological Adaptation) पर जोर देते हुए कहा:
“हमारा लक्ष्य ‘जीरो हार्म ऑपरेशंस’ के विजन को प्राप्त करना है। डीजीएमएस के साथ यह त्रिपक्षीय सहयोग हमें रिस्क असेसमेंट (Risk Assessment) और सेफ्टी प्रोटोकॉल्स को वैश्विक बेंचमार्क के अनुरूप ढालने में सहायता करता है। हम माइनिंग को अधिक स्मार्ट, डिजिटल और सस्टेनेबल बनाने हेतु अत्याधुनिक सुरक्षा संस्कृति (Safety Culture) को संस्थागत कर रहे हैं।”
कॉर्पोरेट प्रतिबद्धता : सुरक्षा और स्थिरता
वेदांता समूह की इकाई के रूप में हिंदुस्तान जिंक ने दोहराया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा केवल एक अनुपालन (Compliance) नहीं, बल्कि कंपनी की कोर वैल्यू है। यह त्रिपक्षीय मंच सामूहिक जिम्मेदारी के माध्यम से माइनिंग इकोसिस्टम में एक सुरक्षित और प्रभावी कार्य वातावरण (Work Environment) स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
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