
अन्याय के खिलाफ प्रेरणा: प्रधानमंत्री ने हजरत इमाम हुसैन को बताया अटूट विश्वास का प्रतीक, कहा— उनकी शहादत करोड़ों लोगों को इंसाफ के रास्ते पर डटे रहने की प्रेरणा देती है।
मानवता का अमर संदेश : समाज में अत्याचार के खिलाफ खड़े होने और इंसानियत की रक्षा का प्रतीक है कर्बला का बलिदान।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए उन्हें सत्य, न्याय, साहस और अटूट विश्वास का प्रतीक बताया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर हजरत इमाम हुसैन के बलिदान को नमन किया। उन्होंने लिखा कि हजरत इमाम हुसैन का बलिदान आज भी अनगिनत लोगों को सत्य और न्याय की राह पर अडिग रहने की शक्ति देता है। उनकी शहादत साहस, दृढ़ संकल्प और अटूट विश्वास की अमर शक्ति की भी याद दिलाती है।
इस्लाम के इतिहास में बेहद सम्मानित है स्थान
हजरत इमाम हुसैन, पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे (दोहिते) तथा हजरत अली और हजरत फातिमा के छोटे पुत्र थे। इस्लाम के इतिहास में उनका स्थान बेहद सम्मानित और महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने 61 हिजरी यानी 680 ईस्वी में कर्बला (वर्तमान इराक) के मैदान में सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी।
कर्बला का ऐतिहासिक संघर्ष : अन्याय के आगे नहीं झुकाया सिर
इतिहास के झरोखे से देखें तो इमाम हुसैन ने उस दौर के अत्याचारी शासक यजीद के सामने झुकने और उसकी दमनकारी सत्ता को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद कर्बला के ऐतिहासिक युद्ध में उन्होंने अपने परिवार और 72 वफादार साथियों के साथ तीन दिन तक भूखे-प्यासे रहकर भीषण संघर्ष किया। उन्होंने सत्य की रक्षा के लिए शहादत स्वीकार कर ली, लेकिन अन्याय के आगे कभी सिर नहीं झुकाया।
यह महान शहादत आज भी दुनिया भर में अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने का सबसे बड़ा वैश्विक प्रतीक मानी जाती है। हजरत इमाम हुसैन का यह सर्वोच्च बलिदान केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए सत्य, न्याय, साहस और इंसानियत की रक्षा का एक अमर संदेश देता है। यही वजह है कि सदियों बाद भी उनकी कुर्बानी दुनिया भर के लोगों को हर प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की सीख देती है।
About Author
You may also like
नारायण सेवा संस्थान में आस्था का महासंगम : महिलाओं को बांटे गए छाते, वस्त्र और जल कलश; रोगियों के बीच हुआ फल वितरण
इमाम हुसैन के जायरीनों की सेवा कर रहीं 80 वर्षीय ‘उम्म जासिम’
हिंदुस्तान जिंक की बड़ी उपलब्धि : देबारी स्मेल्टर में देश की पहली 250 टन क्षमता की इलेक्ट्रिक क्रेन शुरू, हर साल बचेगा 93,600 लीटर डीजल
फीफा वर्ल्ड कप में महा-धमाका : नॉकआउट स्टेज में पहुंचे 5 और धुरंधर; ब्राजील-स्विट्जरलैंड की बड़ी जीत, हैरी केन की हुंकार
प्रकृति शोध संस्थान ने की बड़ी घोषणा : पर्यावरण चेतना के लिए शुरू होगा राष्ट्रीय स्तर का महाअभियान, 21 राज्यों के 2100 वॉलंटियर्स रचेंगे इतिहास
